


नवगछिया। रेलवे एवं स्थानीय प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के तहत अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर रेलवे की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। यह अभियान पश्चिमी केबिन के समीप से आरंभ होकर नवगछिया स्टेशन स्थित काली मंदिर तक चलाया गया। अभियान के दौरान अवैध रूप से बनी झुग्गियों, झौपड़ियों तथा दुकानों को हटाया गया।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान रेलवे की जमीन पर वर्षों से किए गए अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया गया। इस क्रम में अवैध रूप से निर्मित झोपड़ियां, पान-पुड़िया की दुकानें, मांस एवं मछली की दुकानें जेसीबी मशीन से ध्वस्त की गईं। अभियान के दौरान रेलवे सुरक्षा बल, स्थानीय थाना की पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद थे, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ अतिक्रमणकारियों ने कार्रवाई का विरोध भी किया। सोनी डेयरी के पास जब अतिक्रमण हटाया जा रहा था, तभी एक महिला अपनी झोपड़ी के अंदर जाकर लेट गई और कार्रवाई रोकने का प्रयास किया। महिला का आरोप था कि रेलवे के कुछ कर्मी उनसे पहले नियमित रूप से रुपये लेते रहे हैं और अब अचानक झोपड़ी को तोड़ा जा रहा है। महिला ने रोते हुए कहा कि ठंड के इस मौसम में वह अपने परिवार के साथ कहां जाएगी, जबकि उसके पति ठेला चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए महिला पुलिस बल की सहायता से महिला को झोपड़ी से बाहर निकाला गया। इस दौरान वहां रह रहीं कई महिलाएं फूट-फूटकर रोती नजर आईं।
प्रशासन के जेसीबी मशीन के साथ पहुंचते ही कई दुकानदारों ने स्वयं ही अपने दुकानों के आगे बने टीन शेड, छप्पर और खपरैल को हटाना शुरू कर दिया। वैशाली चौक से स्टेशन चौक तक के आसपास कई दुकानदारों ने स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाकर प्रशासन का सहयोग किया। हालांकि अभियान के दौरान स्टेशन रोड पर बार-बार जाम की स्थिति उत्पन्न होती रही, जिससे आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि रेलवे की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना आवश्यक है, ताकि यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और अवैध अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।












