


नारायणपुर प्रखंड के भवानीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मधुरापुर बाजार वार्ड संख्या 8 में न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए दूसरे की भूमि पर जबरन कब्जा करने तथा बलपूर्वक निर्माण कार्य रुकवाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित ने प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधि तक न्याय की गुहार लगाई है, परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से वह दर-दर भटकने को मजबूर है।
इस संबंध में भवानीपुर थाना क्षेत्र के मधुरापुर बाजार निवासी गोपाल पोद्दार, पिता गंगाधर पोद्दार ने नवगछिया पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, नारायणपुर अंचलाधिकारी एवं भवानीपुर थानाध्यक्ष को लिखित आवेदन देकर न्याय की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि अभियुक्तों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद न तो कोई कार्रवाई की गई और न ही जबरन रोके गए निर्माण कार्य को पुनः प्रारंभ कराया गया है। बीते एक सप्ताह से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप है।
थक-हारकर पीड़ित गोपाल पोद्दार मंगलवार को बिहपुर विधायक के जनता दरबार में पहुंचे और आवेदन देकर अपनी फरियाद रखी। पीड़ित ने बताया कि मधुरापुर बाजार स्थित खाता संख्या 371, खेसरा संख्या 1981 एवं 1993, कुल रकबा 2.5 डिसमिल उनकी खातियानी भूमि है, जिस पर वे सैकड़ों वर्षों से दखल-कब्जे में हैं। आपसी बंटवारे के समय पिलर गाड़कर भूमि का विधिवत सीमांकन भी किया गया था। उक्त भूमि पर वर्षों से उनकी दुकान संचालित है।
पीड़ित ने बताया कि इस भूमि को लेकर वर्ष 2000 में उनके पड़ोसी स्वर्गीय शीतल पोद्दार, पिता स्वर्गीय भगवान पोद्दार द्वारा नवगछिया न्यायालय में टाइटल सूट संख्या 87/2000 दायर किया गया था। यह वाद लगभग 16 वर्षों तक न्यायालय में विचाराधीन रहा, जिसके पश्चात वर्ष 2017 में सब-जज द्वितीय, नवगछिया द्वारा उनके पक्ष में फैसला सुनाया गया।
आरोप है कि न्यायालय से निर्णय मिलने के बाद भी दबंगों ने सीओ के जनता दरबार में चल रही सुनवाई के दौरान तथा बाद में बलपूर्वक निर्माण कार्य रुकवा दिया। पीड़ित के अनुसार, बीते सप्ताह जब वे अपनी जमीन पर निर्माण कार्य कराने पहुंचे, तभी पड़ोसी दयानंद पोद्दार, पिता स्वर्गीय शीतल पोद्दार, कपिल कुमार, पिता दयानंद पोद्दार तथा उनके तीन अज्ञात सहयोगी मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रोक दिया। अभियुक्तों ने कथित रूप से कहा कि यह जमीन उनकी है और यहां किसी भी सूरत में निर्माण नहीं होने देंगे।
पीड़ित का यह भी आरोप है कि न्यायालय का फैसला दिखाने पर दबंगों ने खुलेआम कहा कि वे कागजात और न्यायालय के आदेशों को नहीं मानते हैं तथा जिसे बुलाना है बुला लें, लेकिन निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। इसी दौरान दबंगों द्वारा पीड़ित की आभूषण दुकान में तोड़फोड़ एवं लूटपाट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़ित गोपाल पोद्दार का कहना है कि वे लगातार थाना और अंचल कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष की ओर से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है।
इस मामले में नारायणपुर अंचलाधिकारी विशाल अग्रवाल से मोबाइल फोन पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, परंतु उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो सका।












