



नवगछिया । न्यायिक सेवाओं को आम जनता के लिए सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से पटना उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशों द्वारा बिहार के विभिन्न जिलों के सिविल कोर्ट परिसरों में ई-सेवा केंद्रों का उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को एक ही स्थान पर न्यायालय से जुड़ी डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिससे अनावश्यक भागदौड़ कम हो और समय एवं संसाधनों की बचत हो सके।

ई-सेवा केंद्र के माध्यम से वादकारियों और आम नागरिकों को अपने मुकदमों की वर्तमान स्थिति, अगली सुनवाई की तिथि, केस से संबंधित विवरण, ई-फाइलिंग, ऑनलाइन शुल्क भुगतान तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही ई-कोर्ट सर्विस मोबाइल ऐप डाउनलोड करने में भी सहायता दी जाएगी।
ई-सेवा केंद्र पर जेल में बंद परिजनों से संपर्क के लिए ई-मुलाकात बुकिंग की सुविधा तथा निशुल्क कानूनी सेवाओं से संबंधित जानकारी भी प्रदान की जाएगी। यह केंद्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अंतर्गत संचालित होगा।

इसी क्रम में भागलपुर जिला अंतर्गत भागलपुर, नवगछिया एवं कहलगांव व्यवहार न्यायालय परिसरों में ई-सेवा केंद्र का उद्घाटन किया गया। नवगछिया व्यवहार न्यायालय में आयोजित कार्यक्रम में एडीजे तृतीय नीतू कुमारी, एसीजेएम तृतीय दीपक कुमार, एसीजेएम प्रथम अभिषेक आनंद, बार एसोसिएशन के महासचिव अधिवक्ता अजीत कुमार, सचिव अधिवक्ता कृष्ण कुमार आज़ाद, अधिवक्ता नंदलाल यादव, चंद्र भानु सिंह, किशोर झा, रजनीश सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
मौके पर उपस्थित न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने ई-सेवा केंद्र को न्यायिक प्रक्रिया में डिजिटल क्रांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि इससे आम नागरिकों को न्यायालय से जुड़ी सेवाएं अब पहले की तुलना में कहीं अधिक सहज, पारदर्शी और सुलभ रूप में प्राप्त हो सकेंगी।














