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फर्जीवाड़े से कबाला कर दुकान तोड़ने का आरोप

नवगछिया। भवानीपुर थाना क्षेत्र के भ्रमरपुर वार्ड संख्या 06 की रहने वाली पुनम देवी, पति स्वर्गीय विजय चौधरी ने अपने पैतृक जमीन और उस पर बने किराना दुकान को लेकर उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने भागलपुर डीएम, एडीएम, नवगछिया एसपी, एसडीओ, एसडीपीओ, डीसीएलआर, बिहपुर सीआई, नारायणपुर सीओ और भवानीपुर थाना को आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।

पुनम देवी ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि नगरपारा मौजा 1/2 भ्रमरपुर स्थित खाता संख्या 167, खसरा 41-39, रकवा 6 धुर जमीन उनकी निज पैतृक संपत्ति है। इस जमीन पर उनके पूर्वजों के समय से किराना दुकान संचालित हो रही है और आज भी यह दुकान उसी स्थान पर मौजूद है। उन्होंने बताया कि उक्त जमीन का सारा कागजात उनके ससुर स्वर्गीय सुकदेव चौधरी के नाम से है और इस संबंध में नवगछिया न्यायालय में टाइटल सूट संख्या 2/11 के तहत वाद विचाराधीन है।

पुनम देवी ने आरोप लगाया है कि पड़ोस में रहने वाले प्रमोद चौधरी, पिता स्व. दिनेश चौधरी ने उनके ससुर से गैरकानूनी तरीके से उक्त जमीन अपने नाम लिखवा लिया है, जबकि उनके ससुर उस समय मानसिक रूप से अस्वस्थ और लकवाग्रस्त थे। प्रमोद चौधरी ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत खाता और खसरा संख्या वही दिखाते हुए अपनी पत्नी उषा देवी के नाम से फर्जी कबाला करवा लिया है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रमोद चौधरी ने उक्त जमीन को परती दिखाया है, जबकि वर्षों से उस जमीन पर पक्का मकान और किराना दुकान मौजूद है, जिसका संचालन उनके परिवार द्वारा किया जाता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रमोद चौधरी ने पैसे और दलालों के बल पर उस जमीन का फर्जी मोटेशन करवा लिया है।

पुनम देवी ने यह भी बताया कि प्रमोद चौधरी ने नवगछिया न्यायालय में वाद संख्या 27/11 में फर्जी दस्तावेज और गलत जानकारी देकर एकतरफा जजमेंट प्राप्त कर लिया है, जबकि उनका मामला वाद संख्या 2/11 अब भी लंबित है।

उन्होंने कहा कि प्रमोद चौधरी द्वारा अभी तक उस जजमेंट का प्रमाणित प्रति (Certified Copy) भी प्राप्त नहीं किया गया है, फिर भी वह जेसीबी मशीन और मजदूरों के माध्यम से दुकान को तोड़ने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उच्च न्यायालय में अपील दायर की गई है और भारतीय कानून के अनुसार जब तक अपील की 90 दिनों की अवधि पूरी न हो, तब तक किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या निर्माण कार्य करना अवैध है।

पीड़िता ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि प्रमोद चौधरी और उनके पुत्र संतोष आनंद द्वारा एकतरफा निर्णय के आधार पर दुकान और मकान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, जो पूरी तरह से गैरकानूनी और अनुचित है।

इस संबंध में पुनम देवी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि फौरन इस अवैध तोड़फोड़ और निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए, ताकि उनकी पैतृक संपत्ति सुरक्षित रह सके और उन्हें न्याय मिल सके। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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