



पटना । बिहार के जमुई जिले से एक चौंकाने वाली प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने पारिवारिक और सामाजिक मर्यादाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक शादीशुदा महिला ने अपने पति और मासूम बेटी को छोड़, रिश्ते में भतीजे लगने वाले युवक से प्रेम विवाह कर लिया। यह मामला प्रेम, कानून, सामाजिक विरोध और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की टकराहट का उदाहरण बन गया है।
पटना के राजीवनगर की रहने वाली आयुषी कुमारी की शादी 2021 में जमुई जिले के टाउन थाना क्षेत्र के निवासी विशाल दुबे से हुई थी। दोनों की एक बेटी भी है। लेकिन दो साल पहले आयुषी की जिंदगी में उसके पति के ही रिश्ते के भतीजे सचिन दुबे की एंट्री हुई। सोशल मीडिया पर शुरू हुई बातचीत ने प्रेम संबंध का रूप ले लिया। मुलाकातें बढ़ीं और नजदीकियां गहराती चली गईं।
जब पति विशाल को इस रिश्ते की भनक लगी तो मामला महिला थाना पहुंचा। थाने में पूछताछ और समझौते के बाद आयुषी घर लौटी, लेकिन दांपत्य जीवन सामान्य नहीं हो सका। अंततः 15 जून को आयुषी अपनी बेटी और पति को छोड़कर सचिन के साथ भाग गई। विशाल ने थाने में पत्नी के अपहरण का मामला दर्ज कराया, जिसमें हथियार के बल पर पत्नी को ले जाने का आरोप भी लगाया गया।

मामले ने तब नया मोड़ लिया जब कुछ दिन बाद सचिन और आयुषी ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट में आयुषी ने स्पष्ट कहा कि वह अपनी मर्जी से सचिन के साथ रहना चाहती है। कोर्ट से बाहर आते ही दोनों ने अपने गांव सिकरहीया लौटकर शिव मंदिर में विवाह कर लिया। इस विवाह में आयुषी का पहला पति विशाल दुबे भी मौजूद रहा।
आयुषी ने पति पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए तलाक की अर्जी भी कोर्ट में दाखिल की, वहीं विशाल ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया। इस विवाह को लेकर गांव में तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिली। ग्रामीणों ने इसे सामाजिक मर्यादाओं के विरुद्ध बताते हुए विरोध किया।
अब गांववालों के विरोध और सामाजिक दबाव के चलते आयुषी और सचिन गांव छोड़ने की योजना बना रहे हैं। उनकी बेटी वर्तमान में अपने पिता विशाल के पास रह रही है। टाउन थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार के अनुसार, आत्मसमर्पण के बाद अपहरण का मामला निष्पादित कर दिया गया है।
यह घटना केवल एक प्रेम प्रसंग नहीं, बल्कि सामाजिक मूल्यों, पारिवारिक रिश्तों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच गहराते संघर्ष की कहानी बन गई है। कुछ लोग इसे आत्मनिर्णय की स्वतंत्रता मानते हैं, तो अधिकांश इसे परंपराओं और संबंधों की मर्यादा का उल्लंघन करार दे रहे हैं। जमुई की यह प्रेम कथा अभी लंबे समय तक चर्चा में बनी रह सकती है।













