



भागलपुर में पटना के NEET छात्रा हॉस्टल कांड के बाद बिहार भर में गर्ल्स हॉस्टल की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। मीडिया द्वारा हॉस्टल सुरक्षा की पोल खोलने के बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ा और इसका असर अब भागलपुर में भी दिखाई देने लगा है।
बिहार पुलिस मुख्यालय और गृह मंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर राज्यभर के गर्ल्स हॉस्टल के लिए सख्त नियमावली तैयार की गई है। इसके तहत हॉस्टल की नियमित जांच अनिवार्य कर दी गई है।

भागलपुर में इस आदेश के बाद प्रशासन सड़कों पर उतर गया। एसएम कॉलेज इलाके में एएसपी सायं रज़ा और डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने विभिन्न हॉस्टल का दौरा किया, संचालकों से सीधी बातचीत की और उन्हें नई नियमावली सौंपी। पुलिस ने हॉस्टल संचालकों को सख्त निर्देश दिए कि छात्राओं की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नियमावली के तहत सभी हॉस्टलों में सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त लाइटिंग, मजबूत दरवाजे और ताले अनिवार्य किए गए हैं। इसके साथ ही विजिटर रजिस्टर मेंटेन करना, पुरुषों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध और छात्राओं व स्टाफ की रात्रिकालीन उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लागू करने का आदेश दिया गया है।
प्रत्येक हॉस्टल संचालक को संबंधित थाने में छात्रावास का पूरा विवरण दर्ज करने वाला पंजी संधारित करना अनिवार्य किया गया है। पुलिस सत्यापन, वार्डन की जिम्मेदारी तय करने के साथ ही इमरजेंसी और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।

हॉस्टल संचालकों ने पुलिस की इस पहल का स्वागत किया, लेकिन उन्होंने कॉलेज और हॉस्टल तक आने-जाने वाले रास्तों में पुलिस गश्ती बढ़ाने की मांग भी की। हॉस्टल संचालक राजेश रंजन ने बताया कि रास्ते में छात्राओं पर फब्तियां कसी जाती हैं और विरोध करने पर एसिड फेंकने तक की धमकी दी जाती है, जो बेहद चिंताजनक है।
पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि इन इलाकों में सुरक्षा और गश्ती को और मजबूत किया जाएगा ताकि छात्राएं सुरक्षित महसूस कर सकें।
















