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भागलपुर पुलिस ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना के लाभुकों के खातों से अवैध निकासी करने वाले साइबर अपराधियों के गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 6 लाख 33 हजार रुपये नकद सहित लैपटॉप, मोबाइल, एटीएम कार्ड और अन्य उपकरण बरामद किए हैं।

वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर अपराध से जुड़े मामलों में लगातार तकनीकी विश्लेषण और छापेमारी की जा रही थी। इसी क्रम में 27 फरवरी 2026 को चंदन कुमार साह (पिता–सरयु साह), निवासी बदलीगंज, थाना ईशीपुर बराहट द्वारा लिखित शिकायत दी गई। शिकायत में बताया गया कि पीएम किसान योजना के तहत जिन किसानों के खातों का केवाईसी नहीं हुआ था, उनके नाम पर फर्जी तरीके से खाते खोलकर गिरोह द्वारा राशि की अवैध निकासी की जा रही थी।

इस सूचना के आधार पर साइबर थाना भागलपुर कांड संख्या–20/2026, दिनांक 28 फरवरी 2026 को सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, भागलपुर के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक (नगर) एवं पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।

तकनीकी अनुसंधान के दौरान यह सामने आया कि इस कांड में शामिल साइबर अपराधी अपने अन्य साथियों की मदद से मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र के वारसलीगंज मोहल्ले में किसी स्थान से गिरोह का संचालन कर रहे थे। 28 फरवरी 2026 को गठित टीम ने सूचना का सत्यापन करते हुए वारसलीगंज स्थित एक मकान में छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमर कुमार तांती (पिता–अर्जुन कुमार तांती), निवासी मारुफचक, थाना मोजाहिदपुर, जिला भागलपुर तथा राहुल कुमार (पिता–महेंद्र साह), निवासी वारसलीगंज, थाना मोजाहिदपुर, जिला भागलपुर के रूप में हुई है।

पुलिस ने मौके से 6 लाख 33 हजार रुपये नकद, एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, एक बायोमेट्रिक मशीन, एक मोबाइल प्रिंटर, 10 एटीएम कार्ड, 12 खाता पासबुक, दो आधार कार्ड, तीन अन्य मामलों से संबंधित दस्तावेज तथा एक नोटबुक बरामद किया है। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने किसानों के खातों से अवैध निकासी करने की बात स्वीकार की है।

पुलिस के अनुसार गिरोह उन किसानों को निशाना बनाता था जिनका केवाईसी अधूरा रहता था। फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से बैंक खातों तक पहुंच बनाकर योजना की राशि निकाल ली जाती थी। फिलहाल पुलिस अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

भागलपुर पुलिस ने आम नागरिकों, विशेषकर किसानों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों का केवाईसी समय पर अपडेट कराएं और किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी से बचाव के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा उपाय है।

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