



भागलपुर । जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में भागलपुर के प्राचीन, पुरातात्विक एवं धार्मिक महत्व वाले स्थलों को चिन्हित कर उन्हें पर्यटकीय स्थल के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से कला एवं संस्कृति विभाग के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान जिला कला संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने जानकारी दी कि भागलपुर में मखदूम शाह का मकबरा, बटेश्वर धाम और तीन पहाड़ी जैसे कई प्राचीन धार्मिक स्थल मौजूद हैं, जिन्हें पर्यटकीय आकर्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। इसके साथ ही नवगछिया का शंकर स्थान तथा नारायणपुर स्थित लगभग 250 वर्ष पुराना ऐतिहासिक कुआं भी पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
बैठक में जिलाधिकारी ने उपस्थित तीनों अनुमंडल पदाधिकारियों और जिला कला संस्कृति पदाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि जिले के सभी पुराने, ऐतिहासिक, धार्मिक एवं पुरातात्विक महत्व के स्थलों का सर्वेक्षण कर उन्हें पर्यटकीय स्थल के रूप में विकसित करने से संबंधित विस्तृत प्रस्ताव जल्द उपलब्ध कराएं।

साथ ही, बैठक में नगर निगम के पदाधिकारी को यह निर्देश दिया गया कि वे रात्रि में शहर का भ्रमण कर उन स्थानों की पहचान करें जहाँ डस्टबिन की आवश्यकता है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों में कचरे की सफाई की जरूरत है, वहाँ रात्रि में ही कचरा उठाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि शहर की स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनी रहे।
इस बैठक को पर्यटन विकास के लिए जिले की एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे भागलपुर के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को नई पहचान मिलने की संभावना बढ़ गई है।
















