


नवगछिया । रंगरा चौक पर चल रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान दूसरे दिन अचानक रुक जाने से स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। छोटे दुकानदारों और ग्रामीणों ने अंचल प्रशासन पर सिफारिश के आधार पर कार्रवाई रोकने का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार अभियान के पहले दिन प्रशासन ने सड़क किनारे बनी कई झोपड़ीनुमा और अस्थायी दुकानों को हटाया था। इस कार्रवाई में कई छोटे दुकानदारों की दुकानें तोड़ी गईं, जिससे उनका रोजगार प्रभावित हुआ। हालांकि दूसरे दिन अभियान नहीं चलने से क्षेत्र में भेदभाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चौक एवं मुख्य बाजार क्षेत्र में कई बड़े व्यवसायियों द्वारा स्थायी अतिक्रमण कर पक्के निर्माण किए गए हैं, जिन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय निवासी मो. मुजम्मिल ने आरोप लगाया कि केवल छोटे दुकानदारों को निशाना बनाया गया है। अन्य ग्रामीणों ने भी सवाल उठाया कि यदि अतिक्रमण हटाना ही उद्देश्य है तो सभी पर समान रूप से कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि रंगरा गांव स्थित ग्राम कचहरी एवं पंचायत भवन की जमीन पर भी अवैध कब्जा है, जिसे अब तक मुक्त नहीं कराया गया। नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर एक ग्रामीण ने कहा कि सरकारी जमीन पर प्रभावशाली लोगों का कब्जा बना हुआ है, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं हो रही।
इस संबंध में अंचल अधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि अभियान बंद नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक टीम फिलहाल फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में व्यस्त है, जिस कारण दूसरे दिन कार्रवाई नहीं हो सकी।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चलाया जाए तथा छोटे-बड़े सभी अतिक्रमणकारियों पर समान रूप से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।













