



नवगछिया :
राजधानी पटना के गर्दनीबाग स्थित बापू टावर में रविवार 8 फरवरी 2026 को अखिल भारतीय फिजियोथेरेपिस्ट संघ, भारत के तत्वावधान में फिजियोकॉन 2026 के प्रथम राष्ट्रीय फिजियोथेरेपी सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक चले इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से फिजियोथेरेपी और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े सैकड़ों विशेषज्ञ, चिकित्सक, शोधकर्ता एवं स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए।
सम्मेलन का उद्घाटन सिक्किम के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद, मेडिवर्सल अस्पताल के प्रमुख निदेशक डॉ. निशीकांत कुमार, राज नर्सिंग कॉलेज के निदेशक डॉ. एन. पी. प्रियदर्शी, प्रसिद्ध अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. उमेश कुमार, अखिल भारतीय फिजियोथेरेपिस्ट संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. ए. के. सोनी तथा राष्ट्रीय महासचिव डॉ. जे. पी. एस. बादल द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में फिजियोथेरेपी केवल उपचार का माध्यम नहीं रह गई है, बल्कि यह रोगियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। सम्मेलन के दौरान आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में फिजियोथेरेपी के महत्व, नई तकनीकों, जोड़ प्रत्यारोपण के बाद पुनर्वास, तंत्रिका पुनर्वास, खेल चोट, जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों और दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं में फिजियोथेरेपी की उपयोगिता पर विस्तृत चर्चा की गई।

तकनीकी सत्रों में डॉ. अमित सिन्हा, डॉ. अभिजीत कश्यप, डॉ. दिव्या सुमन, डॉ. विलियम तथा डॉ. उमेश कुमार ने अपने अनुभव साझा करते हुए फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों और व्यावहारिक उपचार पद्धतियों पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने बताया कि सही समय पर फिजियोथेरेपी अपनाकर कई जटिल सर्जरी और दीर्घकालिक दवाओं से बचा जा सकता है।
इसी राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल के समीप संचालित माही फिजियोथेरेपी एवं स्वास्थ्य क्लिनिक के संचालक डॉ. आलोक कुमार को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। डॉ. आलोक कुमार को सम्मेलन की आयोजन प्रक्रिया में कार्यकारी समिति सदस्य के रूप में सक्रिय योगदान, संगठनात्मक कार्यों में सहभागिता तथा फिजियोथेरेपी के प्रचार-प्रसार के लिए उनके समर्पण के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

अखिल भारतीय फिजियोथेरेपिस्ट संघ, भारत द्वारा दिए गए इस सम्मान में उनके पेशेवर योगदान और सेवा भावना की सराहना की गई। सभी गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में सम्मान प्राप्त करना नवगछिया क्षेत्र के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।
आयोजन समिति ने कहा कि इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन फिजियोथेरेपिस्टों को एक मंच पर जोड़ने के साथ-साथ नई शोध आधारित जानकारियों को साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे आम लोगों में भी फिजियोथेरेपी के प्रति जागरूकता बढ़ती है और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होता है।
डॉ. आलोक कुमार के सम्मानित होने पर नवगछिया एवं आसपास के इलाकों में खुशी का माहौल देखा गया। स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों और नागरिकों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे नवगछिया में फिजियोथेरेपी सेवाओं को नई पहचान मिलेगी और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा।















