



नवगछिया।
पटना के गर्दनीबाग स्थित बापू टावर में रविवार 8 फरवरी 2026 को अखिल भारतीय फिजियोथेरेपिस्ट संघ, भारत के तत्वावधान में प्रथम राष्ट्रीय फिजियोथेरेपी सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। यह राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक चला, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से फिजियोथेरेपी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, चिकित्सक, शोधकर्ता एवं स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए।
इस सम्मेलन का मुख्य विषय “गतिशीलता ही औषधि है: आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में फिजियोथेरेपी की नई परिभाषा” रखा गया था। सम्मेलन का उद्देश्य आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में फिजियोथेरेपी की बढ़ती उपयोगिता, नई उपचार पद्धतियों, तकनीकी विकास तथा शोध कार्यों पर विस्तृत चर्चा करना रहा। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए और फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों पर प्रकाश डाला।

राष्ट्रीय सम्मेलन में बिहार और झारखंड सहित देश के कई हिस्सों से फिजियोथेरेपिस्टों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इसी क्रम में नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल के समीप स्थित माही फिजियोथेरेपी एवं स्वास्थ्य क्लिनिक के संचालक डॉ. आलोक कुमार को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। डॉ. आलोक कुमार को सम्मेलन की आयोजन प्रक्रिया में कार्यकारी समिति सदस्य के रूप में उनकी सक्रिय भूमिका, कार्यकुशलता और समर्पण के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

अखिल भारतीय फिजियोथेरेपिस्ट संघ, भारत द्वारा प्रदत्त इस सम्मान पत्र में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में डॉ. आलोक कुमार के योगदान, संगठनात्मक सहभागिता तथा पेशे के प्रति उनकी निष्ठा की सराहना की गई। यह सम्मान मुख्य समारोह के दौरान सभी गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में प्रदान किया गया।

आयोजन समिति ने बताया कि इस प्रकार के राष्ट्रीय सम्मेलनों से फिजियोथेरेपिस्टों को एक साझा मंच मिलता है, जहां वे अपने ज्ञान और अनुभवों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। साथ ही, इससे आम लोगों में फिजियोथेरेपी के महत्व के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में सहायता मिलती है।
डॉ. आलोक कुमार के सम्मानित होने पर नवगछिया सहित आसपास के क्षेत्रों में हर्ष का माहौल देखा गया। स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों और शुभचिंतकों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया और कहा कि इससे नवगछिया में फिजियोथेरेपी सेवाओं को नई पहचान और प्रोत्साहन मिलेगा।
















