



कलश शोभा यात्रा में उमड़ा आस्था का रंग
नवगछिया। गोपालपुर प्रखंड के सैदपुर गांव में मंगलवार को वैष्णवी सैदपुर दुर्गा मंदिर परिसर में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां श्री शिव मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा सह श्री रामकथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ नवगछिया शिव शक्ति योगपीठ के पीठाधीश्वर स्वामी आगमानंद जी महाराज के सानिध्य में पूरे विधि-विधान और परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ।

इस धार्मिक आयोजन के अवसर पर मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से भर गया। प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान स्वामी आगमानंद जी महाराज ने पूजा-अर्चना कर मंत्रोच्चारण के साथ शिवजी की मूर्ति में प्राण प्रवेश कराया। इसके बाद श्री रामकथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ, जिसमें संपूर्ण यज्ञ मंत्र, हवन और भजन-कीर्तन के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन और उपदेशों का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया।

मंदिर से गांव की गलियों तक भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गई। हजारों की संख्या में श्रद्धालु महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने इसमें भाग लिया। कलश यात्रा में भक्तों ने दीप, फूल और रंग-बिरंगे झंडे सजाकर भगवान शिव और रामकथा के प्रति अपनी भक्ति का प्रदर्शन किया। यात्रा के दौरान भक्तजन भजन-कीर्तन और रामकथाओं का पाठ करते हुए चलते रहे, जिससे गांव का माहौल पूरी तरह धार्मिक और उत्सवमय बन गया।
ग्रामीणों ने बताया कि इस आयोजन में केवल प्राण-प्रतिष्ठा ही नहीं, बल्कि गुरुदेव स्वामी का आशीर्वचन, गुरु दीक्षा और भजन-कीर्तन का भी कार्यक्रम शामिल है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन गांववासियों के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

स्वामी आगमानंद जी महाराज ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन लोगों में धार्मिक जागरूकता और सामाजिक समरसता बढ़ाने का काम करते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लें और मंदिर परिसर में अनुशासन बनाए रखें।
मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं का पूरा इंतजाम किया। जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की मदद से शोभा यात्रा सुचारू रूप से संपन्न हुई। आयोजन स्थल पर मेडिकल सहायता, पानी और अन्य सुविधाओं का भी प्रबंध किया गया था।
इस भव्य आयोजन में शामिल भक्तजन, विशेषकर महिलाएं और बच्चे, रंग-बिरंगे पारंपरिक वस्त्रों में सज-धज कर भगवान शिव और रामकथा के प्रति अपनी भक्ति और श्रद्धा प्रकट करते रहे। पूरे दिन और रात चले कार्यक्रम ने गांववासियों और आसपास के क्षेत्रों के लोगों में धार्मिक आस्था और उत्साह का भाव जगाया।
इस प्रकार, सैदपुर का यह धार्मिक आयोजन न केवल आध्यात्मिक अनुभव का केंद्र बना, बल्कि ग्रामीण जीवन में सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का भी संदेश छोड़ गया।













