



भागलपुर: पटना के गांधी मैदान में आयोजित सनातन महाकुंभ को लेकर राजनीति गरमा गई है। विपक्ष द्वारा इसे धार्मिक नहीं, बल्कि राजनीतिक मंच बताए जाने पर भाजपा के पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भागलपुर पहुंचे अश्विनी चौबे ने कहा कि सनातन महाकुंभ पूरी तरह से धार्मिक आयोजन था, जिसका उद्देश्य सनातन संस्कृति और हिंदुत्व के मूल्यों को सशक्त करना था।

उन्होंने बताया कि इस आयोजन के लिए उन्होंने न केवल भाजपा बल्कि विपक्ष के नेताओं को भी आमंत्रित किया था। यहां तक कि बिहार में विपक्ष के नेता के पूरे परिवार को भी आमंत्रण भेजा गया था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। अश्विनी चौबे ने कटाक्ष करते हुए कहा, “दुर्भाग्य है कि वे घर पर ताजिया बजाते रहे, लेकिन गांधी मैदान में हिंदुत्व के मंच पर नहीं आए।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सनातन महाकुंभ से ठीक एक हफ्ते पहले गांधी मैदान में वक्फ बिल को लेकर जो विरोध प्रदर्शन हुआ था, उसमें कुछ गौ-हत्यारे भी शामिल थे। उन्होंने कहा, “मैं यह कहने से बचना चाहता हूं, लेकिन जो लोग वहां जुटे थे, उनमें कुछ ऐसे भी थे जिनका इतिहास गौहत्या से जुड़ा है।”
अश्विनी चौबे ने दावा किया कि सनातन महाकुंभ के आयोजन का उद्देश्य गांधी मैदान को पवित्र करना और सनातन संस्कृति का संदेश देना था। उन्होंने कहा, “हमने उस पाप को धोने का काम किया है। गांधी मैदान को शुद्ध करने के लिए ही वहां सनातन महाकुंभ का आयोजन किया गया।”













