


नवगछिया : राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन संगठन फ्रन्ट की ओर से सरकारी विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों की मूलभूत समस्याओं को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी, नवगछिया के नाम से एक ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन के माध्यम से रसोइयों ने सरकार द्वारा लंबे समय से उनकी उपेक्षा किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई है और समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि बिहार प्रदेश में लाखों रसोइयां प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत अत्यंत कम मानदेय पर कार्य कर रही हैं। इनकी स्थिति अत्यंत दयनीय है और सरकार की ओर से इनकी समस्याओं पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। संगठन द्वारा पूर्व में कई बार राज्य एवं केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपा गया है, साथ ही पटना उच्च न्यायालय में याचिका भी दायर की गई थी (केस संख्या CWJC-18288/2018)। न्यायालय द्वारा 30 सितंबर 2022 को दिए गए निर्णय को अब तक लागू नहीं किया गया है, जिससे रसोइयों में निराशा है।

ज्ञापन में प्रमुख 12 मांगें रखी गई हैं, जो इस प्रकार हैं:
- पटना उच्च न्यायालय द्वारा 30/09/2022 को दिए गए आदेश के अनुसार न्यूनतम मजदूरी का भुगतान किया जाए।
- वर्ष भर के बकाया मानदेय का भुगतान शीघ्र किया जाए।
- प्रधानमंत्री पोषण योजना का ठेकाकरण बंद किया जाए और विद्यालय परिसर में ही गरम एवं ताजा भोजन बच्चों को उपलब्ध कराया जाए।
- सभी रसोइयों को भविष्य निधि योजना का लाभ दिया जाए।
- कार्य के दौरान चोट लगने या घायल होने पर समुचित चिकित्सा सुविधा दी जाए।
- रसोइयों के मानदेय का भुगतान हर माह की 7 तारीख तक सुनिश्चित किया जाए।
- रसोइयों को मातृत्व अवकाश एवं विशेष अवकाश की सुविधा दी जाए।
- महिला रसोइयों को प्रतिवर्ष दो सूती साड़ी एवं पुरुषों को पैंट-शर्ट उपलब्ध कराया जाए।
- रसोइयों एवं सहायकों को ईएसआई योजना से जोड़ा जाए।
- रसोइयों की नियुक्ति जिलाधिकारी या जिला शिक्षा पदाधिकारी के अधीन कराई जाए।
- विद्यालयों में रसोइयों के मानसिक उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए।
- स्वास्थ्य खराब होने या आकस्मिक आवश्यकता की स्थिति में अवकाश की स्वीकृति दी जाए।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि अगर शीघ्र ही रसोइयों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो संगठन को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए विवश होना पड़ेगा।













