



सुल्तानगंज। आगामी श्रावणी मेला को लेकर जिलाधिकारी ने नमामि गंगे घाट और अजगैबीनाथ मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान भागलपुर विधायक के सुझाव पर घाट की सीढ़ियों के नीचे मौजूद पत्थरों को मिट्टी और बालू बैग से ढकने का निर्देश दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की चोट न पहुंचे। साथ ही, नदी में पूर्व वर्षों की भांति जालीयुक्त बैरिकेडिंग लगाने और जलस्तर के अनुसार उसका समायोजन करने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नगर परिषद को निर्देशित किया कि नालियों को ढककर सड़क के दोनों ओर तीन फीट चौड़ी पीली पट्टी बनाई जाए। पंडा चौकी के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया, पंडों की संख्या निर्धारित करने तथा चौकियों की रंगाई-पुताई का कार्य पंडों से ही कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि पूजा सामग्री, कांवर सामग्री और खाद्य वस्तुओं की दुकानों में दर सूची का प्रदर्शन अनिवार्य होगा। होटल संचालकों को प्रयोग में लाई जाने वाली सामग्री के ब्रांड की सूची सार्वजनिक करनी होगी, जिससे श्रद्धालुओं को गुणवत्तापूर्ण व सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता को सभी चापाकलों की जांच कर आवश्यकतानुसार राइजर पाइप लगवाने और 30 जून तक सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। छह स्थानों पर हो रही बोरिंग का कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा गया।
कांवड़ियों के मार्ग में दुकानें सड़क छोड़कर लगाई जाएंगी। दुकानदारों के लिए नियमों का एक चार्ट मेला आरंभ होने से पूर्व वितरित किया जाएगा। निजी पार्किंग संचालकों को नगर परिषद से अनुमति लेने के निर्देश दिए गए हैं।
नमामि गंगे घाट और सीढ़ी घाट पर एक-एक एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। यातायात डीएसपी को बैरियर स्थलों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है।
जिलाधिकारी ने अजगैबीनाथ मंदिर परिसर का भी निरीक्षण किया और वहां बन रहे रिवर फ्रंट की प्रगति की समीक्षा की। कृष्णा घाट से रिवर फ्रंट तक सड़क निर्माण का प्रस्ताव भी दिया गया। महंत द्वारा बोरिंग की मांग पर विचार किया गया।
निरीक्षण के दौरान सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी कार्यों को समयबद्ध रूप से सात दिनों के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।













