



बिहपुर: प्रखंड के झंडापुर बाजार स्थित शहीद फौदी मंडल स्मारक स्थल पर गुरुवार को पहली बार शहादत दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया। इस आयोजन में क्षेत्र के सामाजिक, राजनीतिक और साहित्यिक प्रतिनिधियों ने भाग लेकर आजादी के इस गुमनाम नायक को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता “आजादी के गुमनाम नायक” पुस्तक के लेखक एवं राजद नेता गौतम कुमार प्रीतम ने की, जबकि संचालन रविन्द्र कुमार सिंह और विकास कुमार ने किया।
गौतम कुमार प्रीतम ने कहा कि बिहपुर की धरती सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत उर्वर रही है, लेकिन साहित्यिक अभिरुचि और राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में यह क्षेत्र इतिहास के पन्नों से ओझल हो गया। उन्होंने शोधकर्ताओं और राजनेताओं से आग्रह किया कि वे शहीद फौदी मंडल जैसे गुमनाम नायकों पर गंभीरता से कार्य करें।
मुख्य अतिथि मड़वा पूरब पंचायत की मुखिया उषा सिंह निषाद ने कहा कि शहीद फौदी मंडल इस क्षेत्र की शान हैं और उनके स्मारक स्थल को पूर्ण रूप से विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान से परिचित कराना आवश्यक है।

इस अवसर पर शहीद फौदी मंडल के संघर्ष और योगदान पर आधारित गीत “आजादी के आंदोलन में फौदी मंडल खास है…” प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।
शहीद के पौत्र ठीठर मंडल ने भावुक होते हुए कहा कि एक ओर यह दिन हर्ष का है, लेकिन दूसरी ओर इस बात का दुख भी है कि आजादी के 79 वर्ष बीत जाने के बावजूद उनके दादा को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे वास्तविक हकदार थे।
अन्य वक्ताओं में सुधीरचंद्र शास्त्री, कॉमरेड निरंजन चौधरी, पृथ्वी शर्मा, कमल शर्मा, दीपक दीवान, गोपाल सिंह, सुबोध सिंह, बिपिन सिंह, शशि राम, दिलीप सिंह, विभाष रविदास और चतुरी शर्मा ने भी अपने विचार रखे।

इस मौके पर योगेन्द्र पासवान, अमजद अली, बिहारी सिंह, धीरज मालाकार, मो. राहुल, दिलीप साहब, राजकुमार राम, मनीष, मुन्ना सिंह सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। समारोह में सहभागिता ने यह साबित कर दिया कि शहीद फौदी मंडल की स्मृति आज भी लोगों के हृदय में जीवित है।












