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नीति, तकनीक और जन-जागरूकता पर जोर, सतत समाधान की दिशा में मंथन

भागलपुर। सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (CIPET), भागलपुर में “प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट: पॉलिसी फ्रेमवर्क, अर्बन चुनौतियां एवं सतत समाधान” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन हाइब्रिड मोड (ऑफलाइन एवं ऑनलाइन) में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे के प्रभावी प्रबंधन, नीति क्रियान्वयन और सतत विकास को बढ़ावा देना रहा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार विधान परिषद सदस्य डॉ. एन. के. यादव एवं भागलपुर के विधायक रोहित पांडेय मौजूद रहे। इसके अलावा संस्थान के संयुक्त निदेशक एवं प्रमुख अमित लकड़ा, तकनीकी अधिकारी आशुतोष कुमार, फैकल्टी सदस्य, इंडस्ट्री एक्सपर्ट, प्रशिक्षु एवं मीडिया प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

संगोष्ठी का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर किया गया। अपने संबोधन में अमित लकड़ा ने कहा कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन आज की सबसे बड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों में से एक है, जिसके समाधान के लिए स्किल डेवलपमेंट, तकनीकी नवाचार और जन-जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।

मुख्य अतिथि डॉ. एन. के. यादव ने प्लास्टिक रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने और प्रभावी नीति ढांचे के निर्माण पर जोर दिया। वहीं विधायक रोहित पांडेय ने स्वच्छ भारत मिशन का उल्लेख करते हुए प्लास्टिक कचरे को कम करने में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका बताई।

संगोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों ने शहरी कचरा प्रबंधन की चुनौतियों, रीसाइक्लिंग तकनीकों, सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल और टिकाऊ समाधानों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर (PWM) की उपलब्धियों एवं भविष्य की योजनाओं को भी साझा किया गया।

कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों एवं विशेषज्ञों ने इसे अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रभावशाली बताया। यह आयोजन न केवल जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में भविष्य के नवाचारों को प्रेरित करने वाला साबित हुआ।

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