


भागलपुर। स्मार्ट सिटी भागलपुर के प्रमुख शहरी बाजार क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय की अनुपलब्धता का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। इस गंभीर समस्या को लेकर ईस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की ओर से 30 दिसंबर 2025 को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), नई दिल्ली में पत्राचार किया गया था। पीएमओ कार्यालय ने इस पत्राचार पर संज्ञान लेते हुए 6 जनवरी 2026 को बिहार के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर मामले में जवाब मांगा है।

पूरा मामला भागलपुर के स्मार्ट सिटी एरिया में स्वच्छता व्यवस्था और सार्वजनिक शौचालय से जुड़ा हुआ है, जहां रोज़ाना हजारों लोग, व्यापारी और बाहर से आने वाले ग्राहक आवाजाही करते हैं। याचिकाकर्ता पुनीत चौधरी ने बताया कि शहरी क्षेत्र और मुख्य बाजार जैसे महत्वपूर्ण इलाके में शौचालय की सुविधा न होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि स्थानीय नगर निगम और प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन जब ठोस पहल नहीं हुई, तब मजबूर होकर पीएमओ कार्यालय को पत्र भेजा गया।

याचिकाकर्ता, पुनीत चौधरी ने कहा:
“मुख्य बाजार जैसे इलाके में शौचालय नहीं होना स्मार्ट सिटी की अवधारणा पर सवाल खड़ा करता है। स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं हुई, इसलिए पीएमओ से पत्राचार करना पड़ा।”

भागलपुर से बीजेपी विधायक रोहित पांडेय ने इस पहल को सकारात्मक बताते हुए कहा कि आम लोगों का जागरूक होकर इस तरह मुद्दा उठाना लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह मामला उनके संज्ञान में है और वे नगर प्रशासन से बात कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद की जा रही है कि स्मार्ट सिटी भागलपुर में स्वच्छता और सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था को लेकर ठोस और त्वरित कदम उठाए जाएंगे।












