


भागलपुर । बिहपुर विधायक इं शैलेंद्र ने शनिवार को कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक नहीं है, बल्कि यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था, आत्मा और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र भी है। उन्होंने कहा कि हम हिंदू हैं, इसलिए अपनी हिंदू पहचान पर गर्व करना चाहिए।
विधायक ने बताया कि सोमनाथ पर हुए आक्रमण को अब लगभग 1000 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन उस कठिन दौर के बावजूद हमारी आस्था कभी टूटी नहीं। लगभग 75 वर्ष पूर्व देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने पुनः स्थापित सोमनाथ मंदिर को जनता के दर्शन हेतु राष्ट्र को समर्पित किया। यह केवल पुनर्निर्माण नहीं था, बल्कि भारत की आत्मा के पुनर्जागरण का प्रतीक भी था।
वर्ष 2026 में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर बिहपुर विधानसभा के शिवालयों में दीप प्रज्वलन एवं ‘ॐ’ का जाप कर यह संदेश दिया गया कि हमारी आस्था अडिग और अविचल है। भाजपा के कार्यकर्ता और आमजन इस संकल्प में शामिल हुए और दीप जलाकर, ऊँकार मंत्र का जाप कर अपनी सांस्कृतिक अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।
विधायक ने बताया कि शनिवार को सोमनाथ सम्मान पर्व पर बाबा ब्रजलेश्वरनाथ धाम मड़वा, बिहपुर में पूजा-पाठ और ओंकार मंत्र का जाप संपन्न हुआ। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारी आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक स्वाभिमान किसी राजनीति का विषय नहीं, बल्कि हमारी पहचान है। जिस सांस्कृतिक धरोहर को कभी क्षति पहुंची थी, उसे याद रखना और पुनः जागृत करना राष्ट्रबोध का प्रतीक है।
यह जानकारी भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रो. गौतम कुमार ने दी।













