



भागलपुर में गंगा नदी ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है, जिससे जिले के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। गंगा के अलावा, उसकी सहायक नदियों में भी तेज उफान देखा जा रहा है। खासकर सुल्तानगंज और शाहकुंड प्रखंडों में स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। यहां के ग्रामीण क्षेत्रों में नदियों का पानी खेतों में भरने लगा है, जिससे स्थानीय किसान परेशान और हताश नजर आ रहे हैं।

मीरहटी, कटहरा और खानपुर पंचायतों में खेत-खलिहान पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। किसानों की धान की फसल अब पानी में डूब चुकी है। कई किसानों ने तो कर्ज लेकर अपनी खेती की थी, लेकिन इस अचानक आई बाढ़ ने उनकी मेहनत और उम्मीद दोनों को बहा दिया। किसानों का कहना है कि वे अब निराश और टूट चुके हैं क्योंकि इस नुकसान से उनके समक्ष एक गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
किसान सोने लाल मंडल ने कहा, “हमने अपनी फसल के लिए बहुत मेहनत की थी, लेकिन अब सारा कुछ जलमग्न हो गया है। हमारी उम्मीदें टूट चुकी हैं और हम अब क्या करेंगे, यह समझ नहीं आ रहा।”

लक्ष्मी मंडल, एक अन्य किसान, ने बताया, “हमें कर्ज पर खेती करनी पड़ी थी, लेकिन अब फसल पूरी तरह से तबाह हो गई है। प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली है।”
फंटूश कुमार, एक अन्य किसान, ने चिंता जताते हुए कहा, “अगर स्थिति पर जल्दी काबू नहीं पाया गया, तो यह बाढ़ और भी अधिक गंभीर हो सकती है। हमारी फसलें और मेहनत सब बर्बाद हो गई हैं।”
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस राहत या सहायता नहीं पहुंची है। बाढ़ के बढ़ते पानी और फसल के नुकसान ने किसानों को बेहाल कर दिया है, और अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो यह संकट और भी बढ़ सकता है।













