


नवगछिया के तेतरी दुर्गा मंदिर चौक के पास सोमवार शाम हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। एक तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से आकर अपाची बाइक पर सवार दो शिक्षकों को कुचल दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक दोनों शिक्षक इसी वर्ष 2025 में बीपीएसी से नियुक्त हुए थे और प्रतिदिन अपाची बाइक से स्कूल आते-जाते थे।
मृतकों की पहचान
पहले मृतक की पहचान सुशील कुमार साह, पिता रामचंद्र साह, उम्र 34 वर्ष, निवासी – नन्हकार शंकरपुर नन्हकार, थाना परबत्ता के रूप में हुई है। सुशील शादीशुदा थे। उनकी पत्नी अंजू कुमारी और दो छोटे बच्चे हैं—एक 3 वर्ष की बेटी और दो वर्ष का बेटा। सुशील दो भाइयों में छोटे थे, जबकि बड़ा भाई बांका में रहता है।
सुशील डूमर हाई स्कूल (कटिहार जिला) में सोशल साइंस के शिक्षक थे और रोजाना घर से स्कूल आते-जाते थे।
दूसरे मृतक शिक्षक राजेश कुमार रोहित पिता स्वर्गीय उद्धव प्रसाद मंडल, उम्र 32 वर्ष, निवासी—छोटी अलालपुर, महादेवपुर घाट के थे। राजेश अविवाहित थे और तीन बहनों में इकलौते भाई थे। सभी बहन की शादी हो चुकी है। राजेश डूमर के पास ही एक प्राइमरी स्कूल में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे।
स्थानीय लोगों के अनुसार घटना शाम लगभग 5:30 से 6:00 बजे के बीच हुई। दोनों शिक्षक ड्यूटी से लौट रहे थे। तेतरी दुर्गा स्थान चौक के पास जीरोमाइल पर सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों शिक्षक बाइक से सड़क किनारे संभलने की कोशिश भी नहीं कर पाए और ट्रक उन्हें रौंदते हुए फरार हो गया।
दोनों बेहद मेहनती और होनहार शिक्षक बताए जाते हैं। स्कूल में भी उनकी मित्रता थी और वे प्रतिदिन साथ ही आते-जाते थे। उनकी अचानक मौत से परिवारों में कोहराम मच गया है। पत्नी, माँ और परिवार के सदस्य बेहाल हैं। गांव में मातम पसरा हुआ है।
वहीं मौके से स्थानीय लोगों नें दोनों को नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल पहुँचाया व परिजन को सूचना दी । घटना के बाद परिजन और अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे जहां सबों का रो रो कर बुरा हाल था ।
वहीं लगातार हो रहे हादसों को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। तेतरी जीरोमाइल क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन की तरफ से कड़े कदम न उठाए जाने के कारण दुर्घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं।
दोनो शिक्षकों की मौत से शिक्षा समुदाय, परिजन और ग्रामीण बेहद दुखी हैं। लोग कह रहे हैं कि दो उभरते हुए, जिम्मेदार और परिवार सँभालने वाले युवा शिक्षकों को सड़क हादसे ने छीन लिया।












