


नवगछिया : तीन दिनों से लापता सेवानिवृत्त इंजीनियर चंद्रशेखर प्रसाद मंडल का शव शुक्रवार की सुबह सौरा नदी से बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। वह 17 फरवरी की रात से लापता थे। शव मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
मृतक ढोलबज्जा थाना क्षेत्र के लूरीदास टोला गांव के मूल निवासी थे, जबकि वर्तमान में पूर्णिया के मरंगा स्थित सुदीन चौक ततमा टोला में रह रहे थे। शुक्रवार सुबह लालगंज इलाके में नदी किनारे शव मिलने की सूचना पर मरंगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों द्वारा पहचान किए जाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
परिजनों के अनुसार चंद्रशेखर प्रसाद मंडल 17 फरवरी की शाम करीब छह बजे एक मित्र से मिलने घर से निकले थे। रात लगभग 10 बजे मित्र उन्हें घर के बाहर छोड़कर चले गए, लेकिन इसके बाद वह घर नहीं लौटे। देर रात करीब डेढ़ बजे उनके मोबाइल नंबर से एक व्यक्ति को कॉल किया गया, लेकिन फोन उठाने से पहले ही मोबाइल स्विच ऑफ हो गया।
परिजनों ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में वह ठंड से बचने के लिए स्वेटर सहित गर्म कपड़े पहने हुए दिखाई दिए। नेवालाल चौक के पास एक बाइक से हल्की ठोकर लगने के कारण वह गिर भी गए थे, जहां स्थानीय लोगों ने उन्हें उठाया। इसके बाद वह हाथ में जूता लिए लालगंज शेरशाहवादी टोला की ओर अकेले जाते हुए देखे गए। हालांकि, जब उनका शव बरामद हुआ तो उनके शरीर पर केवल गंजी थी, जिससे परिजनों ने साजिश के तहत हत्या की आशंका जताई है।
चंद्रशेखर प्रसाद मंडल बिजली विभाग में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे और वर्ष 2011 में सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद वह अपने परिवार के साथ घर पर ही रह रहे थे। परिवार में एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। उनके पुत्र मनीष कुमार खगड़िया में जल संसाधन विभाग में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं।
मरंगा थानाध्यक्ष कौशल कुमार ने बताया कि मृतक के पुत्र के आवेदन पर पहले ही गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई थी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह हत्या का मामला है या डूबने से मौत हुई है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।












