



भागलपुर के परबत्ती क्षेत्र में काली प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा के दौरान शनिवार रात एक बड़ा हंगामा हो गया। घटना तब शुरू हुई जब परबत्ती काली पूजा समिति और विश्वेश आर्या के नेतृत्व में बनी केंद्रीय काली पूजा महासमिति के सदस्यों के बीच विवाद हो गया।

समिति के पदाधिकारियों में से एक ने परबत्ती पूजा समिति के लोगों को “असामाजिक तत्व” कह दिया, जिसके बाद हंगामा बढ़ गया। विवाद के दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हुई। इस बीच, परबत्ती पूजा समिति के लोग मंच पर चढ़ गए और तलवार भी लहराई।
मंच पर मौजूद मेयर डॉ. बसुंधरा लाल, पूर्व मेयर डॉ. वीणा यादव, पार्षद डॉ. प्रीति शेखर और अन्य लोग अपनी सुरक्षा के लिए किनारे हो गए। भगदड़ की स्थिति में कई गाड़ियां गिर गईं और लोग इधर-उधर भागते समय गिरकर घायल भी हुए।

इस घटना के दौरान पुलिसकर्मी वहां मौजूद थे, लेकिन हंगामे के समय कोई सक्रियता नहीं दिखाई। बाद में दो पुलिस गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। परबत्ती पूजा समिति के सदस्यों ने माइक के माध्यम से भीड़ के सामने अपना स्पष्ट संदेश दिया कि “परबत्ती पूजा समिति ही महासमिति है, अन्यथा नहीं।”
इस घटना ने स्थानीय लोगों के बीच चिंता का माहौल बना दिया है और अब सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।













