



राजेश भारती की रिपोर्ट
नारायणपुर:लगातार हो रही बारिश से मकई की खेती करनेवाले किसान को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। कई किसान ऐसे हैं जिसने मकई तैयार करके बेच लिया। वह तो ठीक है। कुछ किसान ऐसे भी हैं जिसका मकई तैयार नहीं हो सका।

खेत से भुट्टा लाकर, तोड़कर तैयारी करने के लिए एक जगह रखा गया तो यास तूफान के कारण वर्षा आने लगी जिसके कारण मकई ढका रहा। वर्षा थमने के बाद नारायणपुर के किसान मो शोएब,मो इलियास ने जब थ्रेसर से तैयारी करना चाहा तो नीचे से भुट्टा का दाना अंकुरित हो गया था।

ऐसे में किसानों को चिंता सताने लगी।ऊपर से किसी तरह मकई की तैयारी थ्रेसर से किया गया किसान सोएब ने बताया कि पहले एक हजार चार सौ रुपये प्रति क्वींन्टल मकई बिक रहा था। वर्षा होने के बाद व्यापारी एक हजार तीन सौ ₹ प्रति क्वीन्टल मकई ले रहा है।ऐसा हाल नारायणपुर के कई किसानों का है। लेकिन कृषि विभाग की ओर से ऐसे किसानों के लिए कोई सरकारी सुविधा नहीं है।
















