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भागलपुर। आस्था, विश्वास और परंपरा का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब अररिया जिले के पलासी, चौसा और आसपास के गांवों से हजारों ग्रामीण भागलपुर के प्रसिद्ध बरारी सीढ़ी घाट पहुंचे। यहां उन्होंने सामूहिक रूप से गंगा स्नान किया और तीन वर्षों से अपने गांवों में पूजित विषहरा भगवान के कलशों का विधिपूर्वक विसर्जन किया।

बीमारी से मुक्ति की सामूहिक यात्रा

ग्रामीणों के अनुसार, करीब तीन वर्ष पूर्व उनके गांवों में अज्ञात बीमारियों जैसे बुखार, चेचक और संक्रमण ने भयावह रूप ले लिया था। इसे बुरी आत्माओं का प्रभाव मानते हुए गांव के बुजुर्गों की सलाह पर विषहरा भगवान की पूजा शुरू की गई थी। ग्रामीणों का मानना है कि यह पूजा गांव की रक्षा और रोगों से मुक्ति के लिए की जाती है। अब जब पूरा गांव स्वस्थ हो गया है, तो आभार स्वरूप सभी ने गंगा स्नान और कलश विसर्जन का आयोजन किया।

पूजा की पूर्णता पर श्रद्धा और उल्लास का दृश्य देखने लायक था। ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते ग्रामीणों ने गंगा तट पर भक्ति भाव से कलश विसर्जन किया। महिलाएं पारंपरिक परिधान में थीं और सभी के चेहरे पर संतोष और आस्था की झलक स्पष्ट दिख रही थी।

ग्रामवासी रूपेश कुमार मंडल ने बताया, “जब गांव में बीमारी फैली थी, तब पूजा की शुरुआत की गई थी। अब जब सब स्वस्थ हैं, तो हम ईश्वर का धन्यवाद करने आए हैं।”
पूनम देवी ने कहा, “भगवान ने हमारी पुकार सुनी, आज का दिन हमारे लिए एक उत्सव की तरह है।”
वहीं पूजा कुमारी ने कहा, “यह पूजा सिर्फ आस्था नहीं, हमारे गांव की एकता और विश्वास का प्रतीक है।”

श्रद्धा और जश्न का माहौल

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