



भागलपुर शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नगर आयुक्त शुभम कुमार, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), जिला परिवहन पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (नगर) सहित संबंधित अभियंता एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने यातायात व्यवस्था में लगे पुलिस बल की समीक्षा करते हुए पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) को बल में बदलाव करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि नए पुलिस बल को प्रतिनियुक्ति से पूर्व समुचित रूप से ब्रीफ किया जाए, ताकि यातायात नियंत्रण में बेहतर परिणाम मिल सकें।

जिलाधिकारी ने शहर में उत्पन्न हो रही यातायात जाम की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क किनारे लगाए जाने वाले ठेला-खोमचे यातायात में बाधा उत्पन्न करते हैं। उन्होंने विशेष रूप से उल्टा पुल और स्टेशन रोड का उल्लेख किया, जहां हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। उन्होंने यह भी बताया कि स्टेशन के समीप खड़ी रहने वाली बसों के कारण यातायात प्रभावित होता है। ऐसे वाहनों पर दंडात्मक कार्रवाई करते हुए पेनाल्टी लगाई जाए तथा अवैध ठेलों को जब्त किया जाए।
जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि ई-रिक्शा के लिए पूर्व में निर्धारित रूट का कड़ाई से पालन कराया जाए। इन वाहनों को मुख्य चौक-चौराहों से कम-से-कम 70 मीटर की दूरी पर रहने का निर्देश दिया गया था, जिसे सख्ती से लागू किया जाए। यदि कोई टोटो या ऑटो निर्धारित मार्ग से हटकर चलता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाए।

बैठक में नगर आयुक्त को निर्देशित किया गया कि शहरी क्षेत्र में स्पष्ट रूप से पार्किंग तथा नो-पार्किंग जोन चिह्नित किए जाएं। इसके अतिरिक्त फूड वेंडिंग एवं नॉन फूड वेंडिंग जोन का निर्धारण भी किया जाए। उन्होंने कहा कि खाद्य विक्रेताओं के लिए डस्टबिन रखना अनिवार्य किया जाए। नगर क्षेत्र में जितनी भी खाने-पीने की दुकानें हैं, वहां दुकानदारों को अपने पास डस्टबिन रखना सुनिश्चित करना होगा। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन पर जुर्माना लगाया जाए।
इसके साथ ही विक्रमशिला पुल, एनएच-31 तथा एनएच-30 पर क्रेन की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई वाहन रास्ते में खराब हो जाए, तो क्रेन की सहायता से उसे हटाकर यातायात को बाधित होने से बचाया जा सके।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निर्देशों का पालन कड़ाई से कराया जाए ताकि शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार लाया जा सके और आम नागरिकों को सुगम आवागमन की सुविधा प्राप्त हो।
















