



भागलपुर में छात्र जदयू की ओर से एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए गए। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए छात्र जदयू के जिलाध्यक्ष गोलू मंडल ने कहा कि विश्वविद्यालय की लापरवाही के कारण छात्र-छात्राओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है।

गोलू मंडल ने कहा कि यदि कोई छात्र परीक्षा में वास्तव में अनुपस्थित रहा हो, तो उसे अनुपस्थित दिखाना समझ में आता है, लेकिन जब एडमिट कार्ड पर परीक्षक का हस्ताक्षर है और छात्र परीक्षा में उपस्थित भी था, तब उसे गैरहाजिर घोषित करना न केवल नाइंसाफी है, बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है।
उन्होंने बताया कि ऐसे कई छात्र हैं जो बीते दो महीने से विश्वविद्यालय का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी शिकायतों का कोई समाधान नहीं निकाला गया है। छात्र नेताओं का कहना है कि राज्य सरकार छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए योजनाएं बना रही है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण छात्रों को मानसिक तनाव और शैक्षणिक क्षति हो रही है।

गोलू मंडल ने यह भी सवाल उठाया कि जो छात्र इंटरनल एग्जाम में फेल हुए हैं, उन्हें एक्सटर्नल परीक्षा में भी फेल कैसे कर दिया गया? उन्होंने नई शिक्षा नीति (NEP) को लेकर भी चिंता जताई और मांग की कि विश्वविद्यालय प्रशासन यह लिखित में दे कि आगे से इस प्रकार की त्रुटियां नहीं होंगी।
छात्र जदयू ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के भविष्य से इसी तरह खिलवाड़ होता रहा, तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
वहीं, छात्रा कोमल ने बताया कि वह परीक्षा में उपस्थित थी, लेकिन फिर भी उसे अनुपस्थित घोषित कर दिया गया है। दो महीने से वह विश्वविद्यालय और कॉलेज का चक्कर काट रही है, पर कोई सुनवाई नहीं हो रही।













