



नवगछिया अनुमंडल अस्पताल के साइकिल मैन के नाम से मशहूर वार्ड एटेंडेंट गोपाल हरिजन के अवकाश ग्रहण करने के बाद उन्हें अस्पताल परिसर में एक समारोह का आयोजन कर भावपूर्ण विदाई दी गयी. इस अवसर पर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ अरुण कुमार सिन्हा के नेतृत्व में अस्पताल कर्मियों द्वारा उन्हें अंग वस्त्रम और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया. डॉ सिन्हा ने कहा कि गोपाल जी हर वर्ग के लोगों के लिये प्रेरणास्रोत हैं.

डॉ सिन्हा ने गोपालजी के फिटनेस की भी तारीफ की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. इस अवसर पर अस्पताल उपकधीक्षक डॉ अरुण सिन्हा, नवगछिया पीएचसी के प्रभारी डॉ बी दास, डॉ विनय कुमार, परामर्शी अजय कुमार सिंह, प्रवीण जगन्नाथ, सोनू कुमार समेत अन्य भी मौजूद थे.

70 किलोमीटर साइकिल चला कर नवगछिया अनुमंडल अस्पताल आते जाते थे गोपाल जी
गोपाल जी कभी विलंब नहीं हुए. समय के एकदम पक्के, पुराने कर्मी कहते हैं कि आज तो मोबाइल का समय है, जब चाभी वाली घड़ी का समय था तो गोपाल जी जैसे ही अनुमंडल अस्पताल में सुबह प्रवेश करते तो, अन्य कर्मी या अस्पताल से जुड़े लोग अपने घड़ी को मिला कर कहते कि गोपाल जी आ गए हैं, सुबह के नौ बजे गए. अनुमंडल अस्पताल में गोपाल जी ने 38 वर्षों तक निरंतर सेवा दी. उनका पैतृक आवास पचगछिया है. लेकिन वे नाथनगर के मानसकामना चौक के पास अपने निजी मकान में रहते थे.

वे नाथनगर से नवगछिया रोजाना साइकिल चला कर आते थे और जाते भी थे. रोजाना के 70 किलोमीटर साइकिल चलाते थे. इसी कारण वे साइकिल मैन के नाम से मशहूर हो गए. 60 वसंत देख चुके गोपाल जी की फिटनेस 18 वर्ष के युवक जैसी है. गोपाल जी कहते हैं कि ईश्वर ने उन्हें आरोग्यकाया प्रदान की है, उन्हें किसी तरह की बीमारी नहीं है. अवकाशप्राप्त करने के फुरसत के समय मे क्या करेंगे, यह पूछे जाने पर वे कहते हैं कि अपने घर से बरारी घाट साइकिल से आएंगे और रोज गंगा स्नान कर मानस कामना मंदिर में पूजा करेंगे और कोई नया बिजनश भी शुरू करेंगे.
















