



भागलपुर : तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब दिलदारपुर और शंकरपुर दियारा क्षेत्र के सैकड़ों बाढ़ पीड़ितों ने विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल के समीप स्थित उत्तरी गेट का ताला तोड़कर जबरन प्रवेश कर लिया।
प्रशासन ने बीते कई दिनों से उक्त गेट को बंद कर रखा था, ताकि बाढ़ प्रभावित लोग परिसर में न आ सकें। लेकिन मंगलवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने गेट का ताला तोड़ दिया और अपने साथ घरेलू सामान, प्लास्टिक की चादरें तथा अन्य जरूरी वस्तुएं लेकर परिसर के अंदर पहुंच गए। उन्होंने टिल्हा कोठी सहित विभिन्न स्थानों पर तंबू गाड़ने शुरू कर दिए और वहीं अस्थायी रूप से बसने की कोशिश करने लगे।

घटना की जानकारी मिलते ही सदर एसडीओ विकास कुमार तथा नाथनगर अंचलाधिकारी मौके पर पहुंचे। हालांकि, तब तक बाढ़ पीड़ित परिसर में घुस चुके थे। अधिकारियों की उपस्थिति में ही लोगों ने गेट तोड़ा और परिसर में प्रवेश किया।
बाढ़ पीड़ितों ने कहा कि दियारा क्षेत्र में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से न तो कोई राहत शिविर बनाया गया है और न ही भोजन या रहने की कोई व्यवस्था की गई है। मजबूरी में उन्हें विश्वविद्यालय परिसर में शरण लेनी पड़ी है, क्योंकि अन्यत्र कोई सुरक्षित स्थान नहीं बचा है।

वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा कारणों से परिसर में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी। परिसर में छात्रों की गतिविधियां प्रारंभ हो चुकी हैं और बाहरी लोगों की मौजूदगी से शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो सकता है।
घटना को लेकर जिला प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बातचीत जारी है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही बाढ़ पीड़ितों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।













