



भागलपुर। बिहार के भागलपुर व्यवहार न्यायालय में एक टाइटल सूट से जुड़ा मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले को लेकर कोर्ट के सीनियर अधिवक्ता अभय कांत झा ने जानकारी दी कि यह विवाद एक विद्युत उपभोक्ता के पारिवारिक भूमि विवाद से जुड़ा है, जिसमें विद्युत विभाग के पूर्व चेयरमैन और चर्चित आईएएस अधिकारी संजीव हंस पर एक पक्ष को गलत तरीके से परेशान करने का आरोप लगाया गया है।

बताया गया कि आईएएस संजीव हंस ने गलत नियत से मामले में दखल देकर मंजू झुनझुनवाला के पुत्र प्रतीक को उनके ही भाई द्वारा परेशान किए जाने की स्थिति को और जटिल बना दिया। इसे लेकर भागलपुर व्यवहार न्यायालय के सब-जज कोर्ट में टाइटल सूट केस संख्या 365/2025 दायर किया गया है।
इस मामले में राज्य के मुख्य सचिव, विद्युत विभाग के सचिव, साउथ बिहार पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के एमडी सह चेयरमैन, विद्युत विभाग के अवर सचिव, मायागंज (भागलपुर) के कार्यपालक अभियंता (ईईई) और मोजाहिदपुर (भागलपुर) के सहायक अभियंता (एईई) को भी पक्षकार बनाया गया है।

सीनियर अधिवक्ता अभय कांत झा ने कहा कि इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर की गई पक्षपातपूर्ण कार्रवाई से एक आम उपभोक्ता को मानसिक, सामाजिक और कानूनी तौर पर प्रताड़ना झेलनी पड़ी है, जिसे लेकर न्यायालय से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।













