



भागलपुर जिले के औद्योगिक थाना क्षेत्र अंतर्गत गोपालपुर पुल के समीप बाईपास पर हाइवे पेट्रोलिंग के जवानों का भ्रष्टाचार एक बार फिर उजागर हो गया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में पुलिसकर्मी गौ तस्करों से अवैध वसूली करते स्पष्ट रूप से नजर आ रहे हैं।

बताया जा रहा है कि उक्त पेट्रोलिंग टीम का नेतृत्व उमेश कुमार प्रसाद कर रहे थे। गाड़ी में मौजूद एक जवान सिस्टम पर बैठा था, जबकि चालक दिनकर कुमार सिन्हा मवेशियों से भरी गाड़ियों को रोककर खुलेआम अवैध वसूली कर रहा था। यह घटना दिनदहाड़े हुई, जिससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
जब मौके पर मौजूद पदाधिकारी से पूछा गया कि हाइवे पेट्रोलिंग का मूल कार्य क्या होता है, तो उन्होंने सकपकाते हुए जवाब दिया और सीधे तौर पर कुछ भी स्पष्ट नहीं कह पाए। यह वीडियो सामने आने के बाद अब पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

गौरतलब है कि हाइवे पेट्रोलिंग का मुख्य उद्देश्य अपराध नियंत्रण और तस्करी पर रोक लगाना है, लेकिन इस तरह की घटनाएँ न केवल विभाग की साख पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं बल्कि यह भी दर्शाती हैं कि सुरक्षा और निगरानी के नाम पर वसूली का खेल चल रहा है।
अब देखना यह होगा कि इस वायरल वीडियो पर भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन किस प्रकार की कार्रवाई करते हैं। क्या दोषी पुलिसकर्मियों पर कठोर कदम उठाए जाएंगे या मामला दबा दिया जाएगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।















