




भागलपुर जिले में रविवार को गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण शहरी क्षेत्रों के निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। रातभर हुई मूसलधार बारिश के बाद विश्वविद्यालय के हॉस्टल रोड पर पानी भर गया है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण यहां पानी की निकासी ठीक से नहीं हो पा रही है, जिससे छात्रों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, बूढ़ानाथ मंदिर के नीचे स्थित पार्क में भी गंगा का पानी भर गया है, जिससे पार्क के आसपास के क्षेत्रों में जलजमाव हो गया है।
नवगछिया के इस्माइलपुर इलाके में भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों को आशंका है कि अगले तीन से चार दिनों में पानी और बढ़ सकता है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। जल संसाधन विभाग ने गंगा किनारे के क्षेत्रों के लोगों के लिए पहले ही अलर्ट जारी कर दिया है, ताकि वे सतर्क रहें और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए तैयार रहें।
सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और यहां पिछले 24 घंटों में 44 सेंटीमीटर की वृद्धि देखी गई है। वर्तमान में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 34.50 मीटर से सिर्फ चार सेंटीमीटर नीचे 34.46 मीटर पर बह रहा है। इस दौरान, सुल्तानगंज में श्रावणी मेला चल रहा है, जिसमें करीब दो लाख श्रद्धालु प्रतिदिन उत्तरवाहिनी गंगा में डुबकी लगाते हैं। जलस्तर में वृद्धि के मद्देनजर कांवरियों की सुरक्षा के लिए बल्ली और जाली लगाई गई हैं।

भागलपुर में गंगा का जलस्तर 34 सेंटीमीटर बढ़कर 32.19 मीटर हो गया है। इसके अलावा, राघोपुर और इस्माइलपुर बिंदटोली में भी जलस्तर लाल निशान के करीब पहुंच चुका है, जो किसी भी समय खतरे की ओर इशारा कर सकता है।

शनिवार को तोफिल गांव से उत्तर महंत बाबा स्थान के पास स्थित बहियार में कृषि योग्य भूमि का कटाव भी जारी रहा। करीब तीन बीघा खेत गंगा में समा गया, जबकि अंठावन गांव के पास भी कटाव की समस्या बढ़ने लगी है। स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि संजय मंडल और पंचायत समिति सदस्य गंगाधर मंडल ने बताया कि कटाव निरोधी कार्य में लगाए गए जिओ बैग भी गंगा में बह गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह तटबंध कटाव को रोकने में सक्षम नहीं हो पाएगा।
जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता आदित्य प्रकाश ने बताया कि बाढ़ पूर्व कटाव निरोधी कार्य के तहत डाले गए कुछ जिओ बैग गंगा में समा गए थे। इस स्थान पर मरम्मत कार्य किया जा रहा है और संवेदक द्वारा जिओ बैग डालकर कटाव को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।













