


भागलपुर: झारखंड सरकार के श्रम संसाधन मंत्री संजय यादव ने भागलपुर के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अपनी पहचान और समाज के प्रति अपने दृष्टिकोण को साझा किया। मंत्री ने कहा कि उनकी जन्मभूमि बिहार है, लेकिन कर्मभूमि झारखंड है। इस बयान से उन्होंने बिहार और झारखंड के बीच के अपने संबंधों को स्पष्ट किया।
मंत्री संजय यादव ने आगे कहा कि उन्हें अपनी जाति से ज्यादा प्यार और सम्मान अन्य जातियों के लोगों से मिलता है। इसे उन्होंने आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बताते हुए कहा कि समाज की ताकत जात-पात में बंटने से नहीं, बल्कि एकजुट रहने से बढ़ती है।
संजय यादव ने इस दौरान यह भी कहा कि समाज में सभी वर्गों के बीच समरसता बनी रहनी चाहिए, जिससे समाज में शांति और सहयोग का माहौल बने। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड में श्रमिकों के हित में कई योजनाएं चल रही हैं, जिनसे राज्य के विकास में मदद मिल रही है।












