


नवगछिया : बिहपुर स्थित खानकाह-ए-आलिया कादिरिया फरीदिया मोहब्बतिया में सूफी संत और धर्मगुरु हजरत सैयदना बाबू हुजूर नेहाल अहमद खान कादरी फरीदी रहमतुल्लाह अलैहे का सालाना दो दिवसीय उर्स-ए-पाक एवं जश्न-ए-मेहराजे मुस्तफा आगामी 16 और 17 जनवरी को अकीदत और एहतराम के साथ मनाया जाएगा।
खानकाह से मिली जानकारी के अनुसार 16 जनवरी की सुबह कुरान खानी के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसके बाद ईशा की नमाज के उपरांत मजारे शरीफ पर चादरपोशी, गुलपोशी, फूलपोशी और नियाज-फातिहा अदा की जाएगी। इसके बाद भव्य जलसे का आगाज होगा, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से उलमा-ए-कराम और शोअरा-ए-इस्लाम शिरकत करेंगे।
17 जनवरी को खानकाही कव्वाली, महफिल-ए-शमा तथा कुल शरीफ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के शामिल होने की संभावना है। उर्स-ए-पाक और जलसे की सदारत खानकाह के सज्जादानशी हजरत अली कौनैन खान फरीदी करेंगे, जबकि जेरे कयादत नायब सज्जादानशी हजरत मौलाना अली शब्बर खान फरीदी कार्यक्रम का संचालन करेंगे।
खानकाह प्रशासन द्वारा उर्स-ए-पाक को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। खानकाह परिसर को सजाया जा रहा है तथा आने वाले जायरीनों की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों और अकीदतमंदों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर उर्स-ए-पाक में शिरकत करने की अपील की है।
यह आयोजन सूफी परंपरा, आपसी भाईचारे और आध्यात्मिक शांति का संदेश देता है, जिसमें दूर-दराज से लोग शामिल होकर अपनी आस्था प्रकट करते हैं।













