



भागलपुर । जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने सोमवार को दो दिवसीय कृषि यांत्रिकीकरण मेला का उद्घाटन किया। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक (शस्य), भागलपुर प्रमंडल सहित कृषि विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (एसएमएएम) योजना के तहत 91 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 प्रतिशत से लेकर अधिकतम 80 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान किया गया है। 21 नवंबर 2025 को ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से 1469 स्वीकृति पत्र निर्गत किए गए हैं। भागलपुर जिले में कुल 3665 कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जाना है।

इस वर्ष किसानों को अनुदान छोड़कर सीधे कृषि यंत्र देने की व्यवस्था नहीं है। स्वीकृति पत्र प्राप्त किसानों को पूर्ण मूल्य भुगतान कर ऑनलाइन पंजीकृत आपूर्तिकर्ता से उपकरण खरीदना होगा। सत्यापन के बाद अनुदान की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसान के खाते में भेज दी जाएगी। वर्तमान में अनुदानित दर पर कृषि यंत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है।
उद्घाटन समारोह में जिलाधिकारी डॉ. चौधरी ने कहा कि सभी थर्मल पावर प्लांट्स को निर्देश दिया गया है कि वे कोयले की जगह 6 से 7 प्रतिशत तक कृषि अवशेषों (एग्रीकल्चरल वेस्ट) का उपयोग ऊर्जा उत्पादन में करें। किसान धान, गेहूं अथवा मक्का का अवशेष एनटीपीसी को देंगे और एनटीपीसी इसके बदले उन्हें राशि प्रदान करेगा। इससे किसानों को फसल के साथ-साथ वेस्ट का भी लाभ मिलेगा। पराली जलाने की समस्या भी कम होगी, जिससे पर्यावरण और मिट्टी की गुणवत्ता को होने वाले नुकसान में कमी आएगी।
मेले में स्वीकृति पत्र प्राप्त किसानों ने पूर्ण मूल्य पर विभिन्न कृषि यंत्रों की खरीदारी की, जिनमें थ्रेसर, मैन्युअल कीट उपकरण, पैडी थ्रेसर, इलेक्ट्रिक पंप सेट, पावर स्प्रेयर, तेल मिल, पावर वीडर, चारा कटर, आटा मिल, ब्रश कटर और राइस मिल शामिल हैं। मेले में किसानों की सहभागिता उत्साहजनक रही और बिक्री पर इसका स्पष्ट प्रभाव देखा गया।















