


नवगछिया । डॉ. काउंट सीजर मैटी, जिन्हें इलेक्ट्रो होम्योपैथी का जनक माना जाता है, की 217वीं जयंती नारायणपुर में मैटी अल्टरनेटिव मेडिकल कौंसिल के सौजन्य से समारोहपूर्वक आयोजित की गई।
इस अवसर पर निदेशक डॉ. सुभाष कुमार विद्यार्थी ने कहा कि डॉ. मैटी ऐसे महामानव थे जिन्होंने पीड़ित मानव को स्वास्थ्य लाभ और असाध्य रोगों से मुक्ति दिलाने के लिए विशुद्ध वनस्पतियों पर आधारित हानिरहित चिकित्सा पद्धति इलेक्ट्रो होम्योपैथी की खोज की।

विश्व मानवाधिकार परिषद के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. अजीत कुमार ने कहा कि डॉ. मैटी ने मानवता को एक अनमोल उपहार दिया। उनकी इस चिकित्सा पद्धति ने रोगियों के जीवन में नई उम्मीद और राहत दी है।
समारोह में डॉ. सुधांशु कुमार, डॉ. शिवराज कुमार, डॉ. रंजीत मंडल, डॉ. शिव शंकर भगत, डॉ. अनिल कुमार सहित कई चिकित्सक और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। समारोह में उपस्थित लोगों ने डॉ. मैटी की पुण्यतिथि पर उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।














