



नवगछिया अनुमंडल के इस्माइलपुर प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय सुद्दन टोला में शिक्षा के क्षेत्रीय उपनिदेशक द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान विद्यालय प्रबंधन, शैक्षणिक गुणवत्ता तथा छात्र कल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा की गई।

निरीक्षण के दौरान उपनिदेशक ने विशेष रूप से विद्यालय में संचालित मध्याह्न भोजन योजना की गुणवत्ता की जांच की और स्वयं रसोई घर में पहुंचकर भोजन तैयार करने की व्यवस्था एवं साफ-सफाई का जायजा लिया। उन्होंने छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद कर मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, स्वाद और नियमितता के बारे में जानकारी ली। छात्रों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए उन्होंने यह निर्देश दिया कि बच्चों को स्वच्छ वातावरण में गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, शौचालयों की स्थिति और रखरखाव को लेकर प्रधानाचार्य को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

उपनिरीक्षण के दौरान शिक्षा उपनिदेशक ने छात्रों से शैक्षणिक सवाल पूछकर उनकी सीखने की क्षमता और समझ का आकलन किया। उन्होंने “पीयर लीडर्स” की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जो छात्र पढ़ाई में आगे हैं, वे कमजोर सहपाठियों की मदद करें, ताकि सभी छात्र सामूहिक रूप से सीखने का लाभ उठा सकें। इस अवसर पर इन्वॉल्व लर्निंग सॉल्यूशंस फाउंडेशन से राहुल कुमार, सोनी झा, कविता और चंद्र प्रताप, लेखापाल आशीष मिश्रा तथा एमडीएम बीआरपी पारस कुमार भी उपस्थित रहे।
विद्यालय निरीक्षण के पश्चात क्षेत्रीय उपनिदेशक ने प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) में इस्माइलपुर प्रखंड के सभी प्रधानाध्यापकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में उन्होंने प्रधानाध्यापकों को प्रेरित किया कि वे प्रतिदिन की शुरुआत सकारात्मक “चेतना सत्र” से करें, जिससे छात्रों में अनुशासन, नैतिकता और सीखने की रुचि बढ़े। साथ ही विद्यालयों के समग्र सुधार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए व्यावहारिक एवं प्रभावी उपायों को धरातल पर लागू करने पर बल दिया गया।
यह बैठक बीआरसी परिसर में संपन्न हुई। पूरे निरीक्षण और बैठक के माध्यम से प्रखंड भर में शैक्षणिक मानकों को बेहतर बनाने, छात्रों के विकास और कल्याण के प्रति शिक्षा प्रशासन की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।














