



भागलपुर/पटना। बिहार की सियासत में नई हलचल तब देखने को मिली जब जन सुराज पार्टी ने अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी की। इस सूची में राज्य की 51 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की गई है। पार्टी के संयोजक प्रशांत किशोर की रणनीति के तहत तैयार इस सूची में सामाजिक संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को प्रमुखता दी गई है।
सूची में पश्चिम चंपारण से लेकर गयाजी तक लगभग हर क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिला है। पार्टी ने शिक्षित, समाजसेवी और विभिन्न पेशेवर पृष्ठभूमि से आने वाले उम्मीदवारों को मौका दिया है। इसका उद्देश्य राजनीति में नए और स्वच्छ चेहरों को आगे लाना है।

पश्चिम चंपारण में वाल्मीकिनगर से डॉ. एन. प्रसाद, लौरिया से सुनील कुमार, और पूर्वी चंपारण के हरसिधि (SC) से अवधेश राम को टिकट दिया गया है। सीमांचल और मिथिलांचल में सुपौल की निर्मली से राम प्रवेश कुमार यादव, अररिया के सिकटी से राघिब बाबलू, किशनगंज के कोचाधामन से अबू अफ़्फान फारूकी, और पूर्णिया के अमौर से अफरोज़ आलम को उम्मीदवार बनाया गया है। मिथिलांचल के दरभंगा, मधुबनी और सहरसा क्षेत्रों में भी युवा और स्थानीय चेहरों को प्राथमिकता दी गई है।
मुजफ्फरपुर के मीनापुर से तेज नारायण साहनी, गोपालगंज से डॉ. शशि शेखर सिन्हा, भागलपुर के पीरपैंती (SC) से घनश्याम दास, बांका के बेलहर से ब्रज किशोर पंडित, नालंदा से कुमारी पूनम सिन्हा और गयाजी के इमामगंज (SC) से डॉ. अजीत कुमार को पार्टी ने टिकट दिया है।

जन सुराज की इस सूची से स्पष्ट है कि पार्टी पारंपरिक जातीय समीकरणों से हटकर योग्यता और जनसंपर्क को प्राथमिकता दे रही है। कई सीटों पर शिक्षकों, डॉक्टरों और समाजसेवी को उम्मीदवार बनाया गया है। प्रशांत किशोर ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य बिहार की जनता के बीच से सच्चे प्रतिनिधियों को आगे लाना है और यह लड़ाई केवल चुनाव जीतने की नहीं बल्कि राज्य को सही दिशा देने की भी है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह सूची जन सुराज की चुनावी रणनीति का पहला संकेत है। पार्टी धीरे-धीरे सभी 243 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित करेगी और स्थानीय मुद्दों के आधार पर चुनावी मैदान में उतरेगी।















