



भागलपुर – जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग से उत्पन्न खतरों से निपटने के लिए बिहार सरकार द्वारा संचालित जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत इस वर्ष भी बड़े पैमाने पर पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी क्रम में भागलपुर जिले की जीविका दीदियाँ इस वर्ष 2 लाख 54 हजार से अधिक पौधे लगाने के संकल्प के साथ आगे आई हैं।
जिले के 28,554 जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी 3 लाख 39 हजार से अधिक महिलाएँ कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प ले चुकी हैं। इससे न केवल राज्य में हरित आवरण बढ़ेगा, बल्कि जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी सहायता मिलेगी।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 9 अगस्त 2019 को ‘जल-जीवन-हरियाली अभियान’ की शुरुआत की थी, जिसके तहत हर वर्ष राज्य भर में लाखों पौधे लगाए जाते हैं। जीविका दीदियाँ इस अभियान में कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही हैं।
पौधारोपण के इस बड़े लक्ष्य को पूरा करने के लिए शिशु पौधों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जिले में 23 दीदी की नर्सरी संचालित की जा रही हैं। इनमें से 16 नर्सरियाँ मनरेगा के तहत और 9 नर्सरियाँ पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की सहायता से चल रही हैं।
इन नर्सरियों से पौधों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। पौधारोपण के लिए दीदियों को बाकायदा प्रशिक्षण भी दिया गया है, जिससे गुणवत्तापूर्ण और उपयुक्त पौधे तैयार किए जा सकें।

जीविका के संचार प्रबंधक ने बताया कि पिछले वर्ष भी दीदियों ने 2 लाख से अधिक पौधे लगाए थे। इस बार भी पीपल, नीम जैसे औषधीय पौधों के साथ-साथ आम, अमरूद, नींबू, बेल जैसे फलदार वृक्ष और कटहल, सहजन जैसी सब्जियों के पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही सागवान और महोगनी जैसी इमारती लकड़ियों के पौधों का भी रोपण किया जाएगा।
इन पौधों से न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि जीविका दीदियों के परिवारों को पोषण और अतिरिक्त आय का स्रोत भी मिलेगा। इस प्रकार जल-जीवन-हरियाली अभियान से राज्य का हरित आवरण बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं के जीवन में भी खुशहाली लाई जा रही है।













