



भागलपुर: पूर्वी बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (JLNMCH) में एक महिला के साथ ठगी की गंभीर घटना सामने आई है। नवगछिया निवासी शांति देवी अपने पैर के इलाज के लिए अस्पताल आई थीं, लेकिन उन्हें ठगों ने निशाना बनाकर उनकी सोने की बालियाँ ठग लीं।

महिला का भरोसा जीतने के लिए ठगों ने पहले भावनात्मक रूप से संबंध बनाते हुए खुद को उनका ‘भाई’ बताया। इसके बाद उन्होंने अस्पताल परिसर में स्थित एटीएम के पास उन्हें एक पत्थर का टुकड़ा दिखाया जिसे उन्होंने सोने का बिस्किट बताया। ठगों ने महिला को झांसे में लेकर कहा कि बालियाँ गिरवी रखकर तुरंत लौट आएंगे। महिला ने अपनी दोनों सोने की बालियाँ उन्हें दे दीं, लेकिन वे लौटकर नहीं आए।
काफी देर तक जब महिला को ठगों का इंतजार करते देखा गया, तो उन्होंने सुरक्षा गार्ड को जानकारी दी। मामला कंट्रोल रूम तक पहुंचा और वहां सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। इसमें दोनों ठग महिला को अपने साथ ले जाते स्पष्ट रूप से दिख रहे हैं। यह वीडियो फुटेज मीडिया के पास भी पहुंच चुका है।
घटना के बाद पीड़िता ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. अभिलेश कुमार से शिकायत की, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया कि “अस्पताल में सुरक्षा गार्ड मौजूद हैं, लेकिन हर किसी पर नजर रखना मुमकिन नहीं है।” उन्होंने महिला को स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी।

इस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। JLNMCH में रोज़ाना हजारों की संख्या में मरीज और उनके परिजन पहुंचते हैं, लेकिन आए दिन चोरी और ठगी की घटनाओं से लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। क्या यह मान लिया जाए कि मरीजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब खुद उन्हीं की है?

यह सिर्फ एक अपराध नहीं बल्कि अस्पताल प्रशासन की गंभीर लापरवाही और विफलता को दर्शाता है। जिस स्थान पर मरीज इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं, वहां यदि भावनात्मक और आर्थिक शोषण का शिकार होने लगें, तो यह न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर भी गहरा आघात है।












