


भागलपुर : भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल ने लोकसभा में पीरपैंती थर्मल पावर परियोजना की प्रगति से संबंधित मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से प्रश्न संख्या 2256 के माध्यम से जानकारी मांगी। इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से परियोजना की वर्तमान स्थिति को लेकर विस्तृत जवाब प्राप्त हुआ है।
प्राप्त उत्तर के अनुसार बिहार सरकार ने पीरपैंती में प्रस्तावित 2,400 मेगावाट (3×800 मेगावाट) क्षमता वाले अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत संयंत्र के विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है। यह परियोजना राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण मानी जा रही है और इससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) प्रक्रिया के तहत इस परियोजना के लिए Adani Power Limited का चयन किया गया है। दिनांक 6 अगस्त 2025 को कंपनी को आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) जारी कर दिया गया है, जबकि परियोजना के निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत अभी शेष है।
बिहार सरकार ने सफल बोलीदाता कंपनी को सभी आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त करने तथा परियोजना से संबंधित आधारभूत संरचनाओं की विस्तृत योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इनमें ऐश डाइक, कोयला भंडारण यार्ड, जल उपयोग व्यवस्था तथा वायु प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली जैसे फ्ल्यू गैस डी-सल्फराइजेशन (FGD) एवं अन्य फिल्टर प्रणाली शामिल हैं। परियोजना में पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
इस ताप विद्युत परियोजना को क्षेत्र के समग्र विकास के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है। अनुमान है कि निर्माण कार्य के दौरान लगभग 10,000 से 12,000 लोगों को रोजगार मिलेगा, जबकि परियोजना के संचालन चरण में करीब 3,000 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसके अलावा स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलने, किसानों एवं ग्रामीण परिवारों को विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति उपलब्ध होने तथा क्षेत्र की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलने की संभावना व्यक्त की गई है।
सांसद ने आशा व्यक्त की है कि यह परियोजना भागलपुर सहित पूरे क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई दिशा प्रदान करेगी तथा रोजगार सृजन के साथ विकास की संभावनाओं को और व्यापक बनाएगी।















