



भागलपुर के नाथनगर प्रखंड अंतर्गत गोसाईंदासपुर पंचायत के मथुरापुर स्थित महर्षि मेही आश्रम में दो दिवसीय पंचायत संतमत सत्संग के 13वें वार्षिक अधिवेशन का भव्य आयोजन किया गया। अधिवेशन में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में सहभागिता देखने को मिली।

कार्यक्रम के दौरान आध्यात्मिक भजन, स्तुति, विनती, सद्ग्रंथ पाठ एवं प्रवचन का आयोजन किया गया। संतों ने अपने प्रवचनों में महर्षि मेही के संदेशों को जीवन में उतारने का आह्वान किया।

आयोजक कबीर पासवान ने कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसका सदुपयोग करना चाहिए। मृत्यु सबसे बड़ा सत्य है, फिर भी मनुष्य उससे बचना चाहता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सद्कर्म करते हुए सात्विक जीवन जीना चाहिए, जिससे अच्छे संस्कारों की प्राप्ति होती है। उन्होंने यह भी कहा कि बिना गुरु और उचित मार्गदर्शन के कोई भी व्यक्ति जीवन में पूर्णता प्राप्त नहीं कर सकता।
संतों ने संदेश दिया कि प्रत्येक मनुष्य को मानवता, सद्विचार और करुणा के साथ जीवन जीना चाहिए, तभी समाज और राष्ट्र का कल्याण संभव है।

इस अवसर पर गोसाईंदासपुर पंचायत की मुखिया पिंकी देवी, सच्चिदानंद शर्मा, पूर्व पंचायत समिति सदस्य तारकेश्वर झा, कबीर पासवान सहित आयोजन समिति के अन्य सदस्य एवं सैकड़ों ग्रामीण श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का विधिवत समापन दूसरे दिन किया जाएगा।













