



भागलपुर। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग तथा जिला प्रशासन भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में आम्रपाली कला प्रशिक्षण केंद्र, भागलपुर में आयोजित मंजूषा कार्यशाला में प्रशिक्षिका सुमना ने प्रतिभागियों को मंजूषा चित्रकला की विस्तृत जानकारी दी।

प्रशिक्षिका ने प्रतिभागियों को मंजूषा लोक कला की मूलभूत तकनीक जैसे बॉर्डर लाइन खींचना, रंग भरना तथा लोक कला में निहित भावबिंदुओं को विस्तार से समझाया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों में उत्साह और संतुष्टि की झलक देखने को मिली। सुमना ने मंजूषा कला की पारंपरिक संरचना और उसके ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला।

कार्यशाला में शामिल सभी महिला कलाकारों ने इस लोक चित्रशैली से बहुत कुछ सीखने की बात कही। प्रशिक्षण सत्र की सफलता को देखते हुए जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने कहा कि कला, संस्कृति, परंपरा और विरासत से जुड़े कलाकारों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।
गुरुवार को कार्यशाला के अगले सत्र में डॉ. उलूपी कुमारी द्वारा प्रतिभागियों को मंजूषा लोक कला की और भी गहन जानकारी दी जाएगी।













