



भागलपुर – जिला पदाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने मंगलवार को समीक्षा भवन में मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक का उद्देश्य मतदाता सूची को और अधिक सटीक एवं त्रुटिरहित बनाना था।
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि बीएलओ के माध्यम से घर-घर जाकर जो फॉर्म जमा किए गए हैं, उन्हें संबंधित लोग सही साक्ष्य के साथ भरकर बीएलओ के पास जमा करें। उन्होंने कहा कि बीएलओ को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से न छूटे और अपात्र व्यक्ति का नाम उसमें न जुड़े।

डीएम ने बताया कि जिन लोगों के पास मूल साक्ष्य नहीं हैं, वे जमीन का कागजात, राशन कार्ड या अन्य मान्य दस्तावेज साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं। मृत व्यक्तियों तथा पलायन कर चुके लोगों का नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि वे अपने बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) के माध्यम से फार्म भरवाने और जमा कराने में बीएलओ की सहायता करें। विशेष रूप से शहरी क्षेत्र में बीएलए की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया।
डीएम ने यह भी कहा कि अगर कोई महिला अपना फॉर्म भरने में असमर्थ है, तो बीएलओ उन्हें सहयोग प्रदान करें ताकि कोई भी पात्र महिला मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।

सभी लोगों से आग्रह किया गया कि वे फार्म को सही ढंग से भरकर आवश्यक साक्ष्यों के साथ जमा करें, क्योंकि साक्ष्य के अभाव में फार्म को ऑनलाइन अपलोड करने में कठिनाई आती है।
डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2003 के बाद जिनका नाम मतदाता सूची में जुड़ा है, उन्हें अपने फार्म के साथ माता-पिता के दस्तावेज भी संलग्न करने होंगे। यदि किसी महिला की हाल ही में शादी हुई है, तो उसे अपने माता-पिता के दस्तावेज नाम जुड़वाने के लिए प्रस्तुत करने होंगे।
इस अवसर पर उप निर्वाचन पदाधिकारी श्वेता कुमारी ने बताया कि 16 जुलाई को भागलपुर जिला अंतर्गत सभी सरपंचों और मुखियाओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की जाएगी, ताकि इस अभियान को पंचायत स्तर तक सफलतापूर्वक संचालित किया जा सके।













