



भागलपुर :
संसाधन केंद्र नारायणपुर में मिशन निपुण बिहार के लक्ष्यों की प्राप्ति को गति देने के उद्देश्य से पीयर लर्निंग कार्यक्रम के मेंटर शिक्षकों हेतु एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में कुल 48 विद्यालयों से आए शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कक्षा में छोटे-छोटे पीयर लर्निंग समूह बनाकर बच्चों के बीच सहयोगात्मक सीख (Collaborative Learning) को बढ़ावा देना रहा। प्रशिक्षकों ने समझाया कि साथियों के साथ मिलकर सीखने से बच्चे न केवल तेजी से समझ विकसित करते हैं, बल्कि भाषा एवं गणित की बुनियादी क्षमताएँ भी मजबूत होती हैं, जो एफएलएन (FLN) लक्ष्य प्राप्ति का आधार है।

उन्मुखीकरण के दौरान शिक्षकों को—
- मासिक भाषा एवं गणित टास्क कैलेंडर के अनुसार गतिविधि-आधारित शिक्षण,
- कक्षा में बच्चों के दैनिक अवलोकन की पद्धति,
- तथा गूगल फॉर्म के माध्यम से रिपोर्टिंग की पूरी प्रक्रिया विस्तार से सिखाई गई।
प्रशिक्षकों ने पीयर लर्निंग मॉडल के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं पर भी विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि कक्षा में बच्चों को समूहों में संगठित कर उनकी भूमिकाएँ तय करने से सीखने की गति में उल्लेखनीय सुधार होता है।

कार्यशाला के अंत में सभी उपस्थित शिक्षकों ने अपने-अपने विद्यालयों में पीयर लर्निंग को नियमित रूप से लागू करने का संकल्प लिया और मिशन निपुण बिहार के लक्ष्यों की सफल प्राप्ति में योगदान देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम का संचालन इंवॉल्व लर्निंग सॉल्यूशंस फाउंडेशन के जिला समन्वयक चन्द्र प्रताप वर्मा ने किया। इस अवसर पर सभी प्रखंड सेवी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने शिक्षकों को निरंतर सहयोग देने का आश्वासन दिया।













