



भागलपुर । बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में शनिवार को मुख्य चुनाव पदाधिकारी बिहार ने 11 नवंबर 2025 को होने वाले द्वितीय चरण के मतदान की तैयारियों की समीक्षा की।
इस समीक्षा बैठक में भागलपुर जिले से जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक हृदय कांत, पुलिस अधीक्षक नवगछिया प्रेरणा कुमार, उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, नगर आयुक्त शुभम कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्वेता कुमारी सहित विभिन्न कोषांगों के वरीय अधिकारी शामिल हुए।

मुख्य चुनाव पदाधिकारी ने बताया कि इस बार प्रजाइडिंग ऐप के प्रयोग पर विशेष बल दिया जा रहा है, क्योंकि मतदान केंद्र से ही मतों की संख्या का आंकड़ा सीधे मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज किया जाएगा। जिला स्तर पर केवल डैशबोर्ड सुविधा उपलब्ध होगी। इसलिए आवश्यक है कि सभी पीठासीन पदाधिकारियों को मोबाइल ऐप का समुचित प्रशिक्षण दिया जाए और इसके लिए प्रशिक्षण वीडियो भी साझा किए जाएं।
उन्होंने निर्देश दिया कि ईवीएम को लेकर भी प्रशिक्षण वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से अधिकतम लोगों तक पहुंचाया जाए, ताकि मतदान प्रक्रिया के प्रति जागरूकता बढ़े।
मुख्य चुनाव पदाधिकारी ने कहा कि सभी मतदान केंद्रों पर बिजली तथा प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित हो, ताकि देर शाम मतदान की स्थिति में अंधेरे की समस्या न हो। सभी मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मतदान केंद्रों पर वालंटियर की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सभी केंद्रों पर वेबकास्टिंग कराए जाने के निर्देश दिए। इसके लिए एजेंसी चयन तथा जिला नियंत्रण कक्ष में वेबकास्टिंग कंट्रोल रूम स्थापित करने की बात कही गई।

उन्होंने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन एवं राजनीतिक हिंसा के मामलों में दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय रखने पर बल दिया। वीआईपी मूवमेंट और चुनावी खर्च पर निगरानी रखते हुए एसएसटी टीमों द्वारा सतत जांच सुनिश्चित करने को कहा गया।
समीक्षा में इलेक्टोरल रोल, डाक मतपत्र, स्ट्रांग रूम की सुरक्षा, मतदान केंद्रों की बुनियादी सुविधाएं, संवेदनशील केंद्रों की पहचान, सुरक्षा बलों की तैनाती सहित अन्य बिंदुओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
उन्होंने बताया कि मतदान केंद्रों तथा ईवीएम डिस्पैच वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा। इसके लिए एजेंसियों को सभी जिलों में भेजा जा रहा है। जिलों को निर्देश दिया गया कि बूथ स्तर पर कम्युनिकेशन प्लान तैयार कर जीपीएस एजेंसी से साझा किया जाए। ईवीएम संग्रहण के बाद वाहनों से जीपीएस सिस्टम हटाने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जाएगी। वाहन मालिकों को समय पर भुगतान करने का भी निर्देश दिया गया, ताकि शिकायतों का त्वरित समाधान हो सके।
मुख्य चुनाव पदाधिकारी ने कहा कि छठ पर्व के दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र होते हैं। ऐसे में रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से मतदाता जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लें।
उन्होंने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों से कहा कि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिन क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या है, उनके जीपीएस लोकेशन साझा कर कनेक्टिविटी सुधार के विकल्प तलाशने के निर्देश दिए।
















