



भागलपुर : बिहार के मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, खगड़िया और जमुई जिलों के छात्रों में इस बार स्नातक (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई को लेकर खास रुचि नहीं दिख रही है। इसका असर सीधे मुंगेर विश्वविद्यालय में नामांकन पर पड़ा है, जहां लगभग 36 हजार सीटें खाली रह सकती हैं।
मुंगेर विश्वविद्यालय में स्नातक सत्र 2025-29 के लिए कुल 75 हजार सीटें हैं। लेकिन अब तक सिर्फ 39 हजार 176 विद्यार्थियों ने ही ऑनलाइन आवेदन किया है। इसे देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने नामांकन की अंतिम तिथि 30 जून तक बढ़ा दी है।

नामांकन प्रक्रिया धीमी, आवेदन पिछले साल से कम
वर्ष 2024-28 सत्र में जहां 48 हजार 220 छात्रों ने आवेदन किया था, वहीं इस बार अब तक केवल 39 हजार 176 आवेदन ही आए हैं। 21 जून तक प्राप्त आवेदनों के अनुसार, सबसे ज्यादा आवेदन कला संकाय में 33 हजार 373, विज्ञान में 5 हजार 435 और वाणिज्य में मात्र 368 छात्रों ने किए हैं। पिछले सत्र में कला संकाय में 41 हजार 315, विज्ञान में 6 हजार 415 और वाणिज्य में 490 छात्रों ने नामांकन के लिए आवेदन दिया था।
अवसर अब भी बाकी, आवेदन की अंतिम तारीख 30 जून
विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को एक और मौका देते हुए आवेदन की तारीख तीसरी बार बढ़ाकर 30 जून कर दी है। डीएसडब्ल्यू देवराज सुमन ने बताया कि छात्र 30 जून तक किसी भी संकाय में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सत्र की पढ़ाई जुलाई के मध्य, संभावित रूप से 20 जुलाई से शुरू होगी।

शिक्षा की सुविधाएं, फिर भी छात्र उदासीन
मुंगेर विश्वविद्यालय के अंतर्गत 33 कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जिनमें 18 अंगीभूत और 15 संबद्ध कॉलेज शामिल हैं। यहां प्रत्येक संकाय में अनुभवी शिक्षक, डिजिटल कक्षाएं, पुस्तकालय आदि की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके बावजूद छात्रों की रुचि कम होना चिंता का विषय है।
पहली मेरिट लिस्ट 4 जुलाई को जारी होगी
विश्वविद्यालय के नोडल पदाधिकारी डॉ. सूरज कोनार ने बताया कि 3 या 4 जुलाई को पहली मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी। अंतिम चरण में यदि जरूरत हुई तो विश्वविद्यालय ऑन स्पॉट नामांकन की व्यवस्था भी करेगा, जिससे छात्र तुरंत आवेदन और नामांकन कर सकें।
छात्रों की कम भागीदारी से विश्वविद्यालय प्रशासन चिंतित है, और अब वह हर संभव कोशिश कर रहा है कि सत्र समय पर शुरू हो और शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों।













