



नवगछिया के नारायणपुर निवासी करीब 75 वर्षीय दुकानदार जानो यादव की शनिवार को सड़क हादसे में मौत हो गई। जानो यादव चकरामी चौक पर सत्संग आश्रम नारायणपुर के पास चाय, बिस्कुट और नाश्ते की दुकान चलाते थे। प्रतिदिन की तरह वे दोपहर का भोजन करने के लिए साइकिल से घर जा रहे थे, तभी दुकान से लगभग 50 मीटर की दूरी पर पूर्व दिशा की ओर बढ़ते ही एक वाहन की चपेट में आ गए। टक्कर लगते ही वे गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए।
घटना के बाद वाहन चालक ने मानवीय पहल दिखाते हुए उन्हें इलाज के लिए भवानीपुर गांव स्थित एक निजी डॉक्टर के पास पहुंचाया। डॉक्टर ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बाहर इलाज कराने की सलाह दी। जानो यादव के सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट लगी थी और उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। इसके बाद वाहन चालक और ग्रामीणों की मदद से उन्हें बेहतर इलाज के लिए बेगूसराय ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

जानो यादव की मौत की खबर मिलते ही उनके घर में कोहराम मच गया। पत्नी पारो देवी, पुत्र, पुत्री, नाती-नतनी सहित पूरे परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। घटना की जानकारी मिलते ही भवानीपुर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।
जानो यादव के निधन से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जाता है कि वे सभ्य और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे और लंबे समय से सत्संग आश्रम नारायणपुर के पास एनएच 31 किनारे दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। यह हादसा उनके परिवार और परिचितों के लिए गहरा सदमा लेकर आया है।













