



नवगछिया : महज चार माह पूर्व उद्घाटन किए गए नवगछिया के मदन अहिल्या महिला कॉलेज और हनुमान मंदिर के पास स्थित ओवरब्रीज में दो सिगमेंट के जॉइंट पर दरार देखने को मिली है, जिससे स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया है।
नवगछिया के लिए लाइफलाइन मानी जाने वाली यह ओवरब्रीज सीधे नवगछिया बाजार को जोड़ती है और क्षेत्रवासियों के लिए आवागमन का प्रमुख मार्ग है।

मदन अहिल्या महिला कॉलेज के सामने और हनुमान मंदिर के पास दोनों स्थानों पर सिगमेंट के जॉइंट में दरार दिखाई दे रही है। स्थानीय लोग इसे देखकर भयभीत हैं और ओवरब्रीज पर वाहन लेकर जाने और आने से परहेज कर रहे हैं। अगर मरम्मत के लिए ओवरब्रीज को बंद किया गया, तो नवगछिया बाजार, अनुमंडल अस्पताल, नवगछिया थाना और बाजार समिति तक पहुंचने में लोगों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ओवरब्रीज का उद्घाटन विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से एक सप्ताह पहले किया गया था। हालांकि, अभी भी ओवरब्रीज के कुछ कार्य अधूरे हैं। सीढ़ियों का निर्माण और लाइटिंग का काम पूरा नहीं हुआ है।

पूर्व सांसद और भाजपा नेता अनिल यादव ने इस मामले पर सोशल मीडिया में लिखा कि नवगछिया का नया रेलवे फ्लाईओवर में आई दरार सिर्फ कंक्रीट में सामान्य लाइनें नहीं हैं, बल्कि निर्माण व्यवस्था में खिंची बड़ी लकीर है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत, बड़े दावे और जमीन पर वास्तविक स्थिति में यह दरार गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसकी तकनीकी जांच आवश्यक है और लीपापोती नहीं की जानी चाहिए।
अनिल यादव ने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि डिजाइन, सामग्री और सुपरविजन में कहां कमी हुई। उनका कहना है कि विकास का अर्थ सिर्फ उद्घाटन करना नहीं, बल्कि वर्षों तक सुरक्षित और मजबूती से खड़ा रहने वाला ढांचा होना चाहिए। उन्होंने एक स्वतंत्र स्ट्रक्चरल ऑडिट की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक हो और अगर कहीं लापरवाही हुई है तो जिम्मेदारी तय की जाए। जनता के निवेश में मजबूती और पारदर्शिता दोनों का होना अनिवार्य है।















