


जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने दिए कई आवश्यक निर्देश
भागलपुर । बिहार विधानसभा आम निर्वाचन-2025 को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से शनिवार को भागलपुर स्थित टाउन हॉल में सेक्टर पदाधिकारियों एवं सेक्टर पुलिस पदाधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बूथ स्तर पर शांतिपूर्वक मतदान संपन्न कराना सेक्टर पदाधिकारियों की प्रमुख जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिया कि मतदान के पूर्व, दौरान और बाद की सभी तैयारियों को सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक मतदान केंद्र का नियमित भ्रमण किया जाए, विशेषकर संवेदनशील बूथों पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मतदान केंद्रों पर आवश्यक सभी मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, रौशनी, शौचालय, रैंप आदि की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए ताकि मतदान के दिन किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने निर्देश दिया कि मतदान कर्मियों के बैठने की व्यवस्था, मतदाताओं की कतार की दिशा और मतदान केंद्र की मैपिंग पूर्व से ही निर्धारित कर ली जाए। सभी सेक्टर पदाधिकारी बूथवार मतदाताओं की संख्या और अन्य विवरण एकत्रित कर लें ताकि मतदान प्रक्रिया समय पर और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
उन्होंने कहा कि सेक्टर दंडाधिकारी और सेक्टर पुलिस पदाधिकारी ही मतदान केंद्रों पर जिला प्रशासन और निर्वाचन पदाधिकारियों के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हैं। इसलिए उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी मतदान केंद्रों पर आंगनवाड़ी सेविका, आशा, विकास मित्र और बीएलओ की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। मतदान के दिन सुबह 5:30 बजे मॉक पोल की प्रक्रिया प्रारंभ कर 7 बजे तक मतदान प्रारंभ किया जाए। मतदान प्रतिशत को पीआरओ ऐप के माध्यम से नियमित रूप से अपलोड किया जाए और शाम 5 बजे का कुल मतदान प्रतिशत अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए।
वरीय पुलिस अधीक्षक हृदय कांत ने कहा कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए प्रत्येक मतदान केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था का पूर्व मूल्यांकन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बलों को इस प्रकार तैनात किया जाए कि किसी भी व्यक्ति को मतदान में बाधा डालने का अवसर न मिले। उन्होंने सेक्टर पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में मतदान केंद्रों तक पहुंचने में 10 मिनट से अधिक का समय न लगे।
नवगछिया पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार ने कहा कि संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए और वहां के स्थानीय लोगों से सतत संपर्क बनाए रखें। वहीं उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि निर्वाचन कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में किसी भी राजनीतिक दल का पोस्टर, बैनर या कार्यालय नहीं होना चाहिए।
नगर पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने पुलिस पदाधिकारियों को उनके दायित्वों के बारे में विस्तार से बताया। संयुक्त निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि मतदान के दौरान मीडिया कर्मियों को निर्वाचन आयोग द्वारा जारी पहचान पत्र के आधार पर ही अनुमति दी जाएगी, लेकिन उन्हें मतदान केंद्र के भीतर मतदाताओं से बातचीत की अनुमति नहीं होगी।
प्रशिक्षण सत्र में सेक्टर पदाधिकारियों को “पीआरओ ऐप” और “ईएलई ट्रेस ऐप” के उपयोग की जानकारी दी गई। मास्टर प्रशिक्षकों ने सेक्टर पदाधिकारियों को उनके सभी कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के संबंध में बिंदुवार जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर प्रशिक्षण कोषांग के नोडल पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था) राकेश रंजन, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) मो. अयूब, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के निदेशक दुर्गा शंकर सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।















